Friday, July 31, 2015

डाकुओमे माहाडाकु लेखापाल खिमानन्द पौडेल

रौतहट, साओन । कहल जाईआ अन्याय अत्याचार हो या कोइभी कामके एगो निश्चित सिमा होईअ लेकिन जिल्ला विकास समिति रौतहटके लेखापाल खिमानन्द पौडेलके भष्टाचारके कओनो सिमा नरहल हए ।
    खिमानन्दके कारण रौतहटके हरेके योजना असफल रहल देखल गेल हए । विशेष श्रोतके अनुसार हरके कार्यक्रमके पिसि यानी प्रशनल कमिसन अगर हुनका डेरातक नपहुचले तव तक कओनोके चेक नबनईअ न पास होईअ जेकरा चलते सिधा असर योजना संचालनमे परईअ । रौतहट जिल्लामे वितल कुच्छ दिन पहिले एगो भष्टाचार नियन्त्रण  समिति गठन  करके जिल्लाके भष्ट प्रमुख जिल्ला अधिकारी मदन भुजेलेके ज्ञापन पत्र भी बुझएकल लेकिन ओकर कओनो तुक नदेखल गेल हए ।
    प्रमुख जिल्ला अधिकारी एगो लेखापालसे अभितक कओनो प्रकारके पुछ पाछ भी नकएले हए । जेसे लेखापला खिमानन्द जइसन माहाभष्ट लोगके हौसला और भी बुल्नद भेल स्थानिय महेश साहके कहनाम रहल हए । आगे कहलन खिमानन्द डाकुओमे माहाडाकु हए जेसे पुरा जिल्ला विकास समिति ही बदनामीके सिखरपर चढल हए ।
विश्व बैकके सहयोगमे  देश भरमे १५ गो जिल्लामे संचालीत सुनौलो हजार दिन आयोजनाके लेल सघिय मामिला तथा स्थानीय विकास मन्त्रालय तीन गो राष्ट्रिय सेवा प्रदायक छनौट कएले हए  । और जिल्लाके तुलना रौतहटमे प्रभावकारी होएन सकेके कारण कमिशनके चलखेल देखल गेल हए । रौतहटके लेल छनौट भेल राष्ट्रिय सेवा प्रदायक सस्था पुर्नजागरण समाज नेपाल आ छिमेकी सगठन समुदायमे कार्यक्रमके वारेमे समन्वय करे नसकला पर  कार्यक्रम सचालनमे समस्या आ अनियमितता देखले सिकाईत बढईत गेल हए ।  जिल्ला स्तरिय खाद्य सुरक्षा पोषण निर्देशन समितिके निर्देशनमे सचालन होएवाला  नियम रहलापर भी सहजीकरण करेवाल संस्था निष्कृय भेलाके कारण  कार्यक्रम प्रभावकारी होएनसकल अधिकाँस गाविसके वजेट खर्चमे समस्या आएल तथा समुह निर्माणमे विवाद भेलाके कारण वजेट खर्च होएन सकल अनुगमनसे प्रमाणित भेल हए ।
    वडा नागरिक मंचसे ९ सदस्यीय समुह बनावेके प्रावधान भेला पर भी जिल्लाके वडा नागरिक मँच सक्रिय नभेलाके कारण समुह निर्माणमे चलखेल चलईत आएल हए । रौतहटमे कोचके कारण समस्या भेल बुझल गेल हए त कोच समुदायमे अच्छासे सहजीकरण नकएलासे रौतहटके गाविस गम्हरिया पर्सा , कोपवा पिपरिया ,ब्रहमपुरी लगायतके गाविसमे कार्यक्रम सचालनमे समस्या देखल गेल हए । 
    जिल्ला विकास समितिके कार्यालय गाविसके कार्यालयके तथा गाविसके कार्यालय समुहके खातामे स्वीकृत रकम निकासा करके  प्रावधान रहल हए ।  जिविस रौतहट गाविसके कार्यालयमे निकासा देलापर  लेखापाल खिमानन्द पौडेल कमिशन लेकेही निकासा कराईत आएल नाम नबतावेके शर्तमे एगो  गाविस सचिव  बतएलन ।
    आईसही गाविस सचिव समुहके खातामे रकम पठावेके लेल जिविसके लेखापाल खिमानन्द और फोकल पर्सन सुवास ठाकुरके कमिशन तथा अपन कमिशन समेत लेईत आए  सुनौलो हजार दिन लागु भेल  गाविसके एक जने कोच नाम नबतावेके शर्तमे कहलन । जिविसके २ गो कमिशन आ गाविसके कमिशन मिलावेला नक्कली विल पेश करके  बाध्यता  रहल कोच अपन समस्या सुनएलन ।  
कोच जानकारी समुहके दिउ लेकिन केकरो नकहुन जइसन बाध्यात्म धम्की भी सुनेके मिलल अपन सिकाई सुनएलन  । लेखापाल खिमानन्दके कारणही आईसन कार्यक्रम गर्भबती महिला ०—२ वरिसके बाल बालीका, ६ महिनामे गर्भवती होए चाहेवाला तथा १५ से २५ वरिसके लडकीसवके फाईदा उठावे नदेवेमे सवसे जदाँ योग्दान रहल स्थानीय मोहन साह सिकाईत कएलन । बारमवार सिकाईत कएलापर भी नत इहाँके सिडिओ सुनाईत हए त, नत जिवीस सारा कमिसनके खेलमे लागल देखल गेल हए । पढते रहू .....

Monday, July 20, 2015

माधव नेपालके कहलासे गोली चलल, गौरमे तनाव दजर्नो घाएल

बन्दुके बलमे प्रारम्भिक मस्यौदाके सुझाव संकलन कार्यक्रम मेधश वादी दलद्वारा प्रतिकार करेके क्रममे प्रहरीद्वारा दमन दजर्नो घाएल भेल हए । प्रारम्भिक मस्यैेदा उपर सुझाव संकलनके कार्यक्रमके सुरुआमे ही रौतहटके गौरमे झडप भेल हए । सोमारके सवेरे ७ बजेके समयमे मस्यौदाति असन्तुष्टी आ सुझाव संकलनके प्रक्रियाप्रति विमति राखई मधेशवादी दलसव रोकलापर विवाद सूरु भेल रहे ।
गौर नगरपालिकाके सभा हलमे पूर्वप्रधनमन्त्री माधवकुमार नेपालसहित सभासदसवके टोली प्रवेश कएलन । लगते संघीय सद्भावनाकी सभासद् डीम्पल झा, पूर्वसभासद अनिल झा, बबन सिंह लगाएत नेताके प्रवेश होते होहाला भेल रहे । प्रहरी वल प्रयोग करके होहलाके नियन्त्रण करेके खोजलापर झडपमे परिणत भेल रहेल । 
उहे क्रममे पूर्वप्रधनमन्त्री माधवकुमार नेपालके निर्देशनमे पुर्व सभा सभासद बबन सिंह, नेता योगेन्द्र यादव, अनिल सिंह, जमसैद आलम लगायत मधेशी नेता उपर एमालेके कार्यक्रता
राय सुझाव संकल कार्य अवरुध भेल हए । विपक्षी मधेशवादी नेता कार्यक्ता गौर नगरमे प्रदर्शन कर रहल हए ।


सव हात पात करेलागलापर झडप उग्र रुपमे परिणत भेल रहे जोना कारण नगरपालिका भितर रहल  ५ गो गाडीमे तोडफोड नगरपालिका भवनके सीसा समेत तोडफोड सूरु भेल रहे । लगता अवस्था और विगारेकेलेल आ पूर्वप्रधनमन्त्री माधवकुमार नेपालके गौर नगरपालीका सभा हल से वाहर निकालेकेलेल २ दर्जानसे जादाँ आसुग्यास, ५ राउण गोली चएलासे  १७ जने मधेशवादी दलके समर्थक लोग घाएल भेल हए  त ५ जने के प्रहरी पक्राउ  कएले हए ।

Sunday, July 19, 2015

मधेशीके अंश और वंश पर आक्रमण :— अनिल झा

रौतहट/ मधेशीके अंश और बंश पर सिधे आक्रमण कएले नेपाल सदभावना पार्टीके केन्द्रिय अध्यक्ष अनिल कुमार झा बतएले छत । बन रहल संविधानके पहिल मस्यौदामे मधेशी उपर सत्ताधारी दल अंश और वंश उपर सिधा आक्रमण कएल कहईत आक्रोश व्यक्त कएलन । रिपोर्टर्स क्लब नेपालसे रौतहटके सदरमुकाम गौरमे शनिचरके दिन आयोजित साक्षात्कार कार्यक्रममृ बोलईत अध्यक्ष झा मधेश जनता जेकरा अपन भोट देलन उलोगही आज मधेशीके अधिकारसे बन्चित करेके षड्यन्त्र कररहल आरोप लगएलन । दोसरका संबिधानसभाके निर्वाचनमे खसवादी दलके मधेशीसव प्रतिनिधि चुनके संविधान सभामे पठाएल सवसे गल्ती रहल ठहर करईत अध्यक्ष झा अव जेकरा भोट देली ओकरा विरोधमेही संघष करेके समय आएले हए, अगर अवकि वेर चुक होइत मधेश रही लेकिन मधेशी नरहेके बतएलन । संविधानके मस्यौदाके प्रस्तावनामे संघीय शब्द समावेश नकएले, नागरिकताके हकमे विदेशी महिलासाथे वियाह कएला पर सन्तानके अंगिकृत नागरिकता देवेके, बिना अधिकारके प्रदेशके संरचना करके चार दल मधेशके अधिकारके गला घोटके षड्यन्त्र कएले ठोकुवा कएलन । प्रदेशके नाउमे अंश आ नागरिकताके नाउमे बंश उपर ही आक्रमण कएले अध्यक्ष झाके कहनाम रहल हए । मुरही कचरी वेचेके लेल लाखो लोग  सडकमे उत्रेके रौतहटके जनता गम्भीर बिषयमे अनजान होनाई  दुखद रहल बतएलन । मधेश आ अपन सन्तानके लेल एकवेर सोचेके समय आएल पुर्व मन्त्रि झा मधेशी, आदिवासी, जनजाती, दलित, मुस्लिम समुदायके वासिसे से अनुरोध कएलन हए । अवकि वार नत कहियोन ई कहइत हरेक मधेशीके अपना और अपन बंशके हक अधिकारके लेल सडकपर आवेला समेत जोरदार रुपमे आग्र्रह कएलन । अभि जारी रहल राय सुझाव संकलन काम सत्ताधारी दलके ढोंग मात्र रहल बतवईत राय सुझाव संकलन कामके विरोध करईत मस्यौदाके हरेके जगहपुर जलावेके काम करम और विथोलम समेत झा चेतावनी देलन ।

Tuesday, July 7, 2015

जिल्ला के पचरुखी मे ब्लेड से घेंट काट के कएल गेल महिला के हत्या


चंचल कुमार झा
 रौतहट / असार २१ / रौतहट जिल्ला के गाविस पचरुखी वार्ड न २ मे एगो महिला के विभत्स हत्या कएल गेल हए l ब्लेड से घेंट काटके हत्या कएल गेल अवश्था मे गाविस पचरुखी वार्ड २ निवासी २८ वर्षीय रन्जु देवी ठाकुर के लास बरामद भेल हए l गाविस पचरुखी वार्ड २ छतौना टोला निवासी बलि ठाकुर हजाम के घरवाली रन्जु देवी ठाकुर के ब्लेड से घेंट रेतके हत्या भेल हए l घर के सदस्य सब हि मिलके रन्जु देवी ठाकुर के हत्या कएले प्रहरी जनएले हए i घटना बाद परिवार के सभे लोग फरार भेल हए l घटना के बारेमे रन्जु देवी ठाकुर के नईहर सर्लाही जिल्ला के बहादुरपुर् खबर कएल गेल आ फरार परिवार के लोग के खोजि हो रहल जिल्ला प्रहरी कार्यलय रौतहट गौर जानकारी देले हए l

Sunday, July 5, 2015

डाक्टर के लापरवाही के चलते १ गोरे के मृत्यु , पकराएल डाक्टर

चंचल कुमार झा
 रौतहट l असार १९ l रौतहट जिल्ला मे डाक्टर के लापरवाही के चलते एक गोरे के जान गेल हए l मिलल जानकारी के अनुसार रौतहट जिल्ला के गाविस भलोहिया मे झोरा छाप डाक्टर के चलते एक गोरे मृत्यु भेल हए l रौतहट जिल्ला के चर्चित पिपरा बजार पर लग भग २५ वर्ष से आयुर्वेदिक क्लिनिक संचालन करईत आएल भारत के बिहार के सीतामढी निवासी रवि अहमद के क्लिनिक मे ईलाज कराबे गेल गाविस भलोहिया वार्ड न २ निवासी ५० वर्षीय रफिक मिंया के ईलाज के क्रम मे मृत्यु भेल हए l मरेजी रफिक मिंया के डाक्टर रवि अहमद इन्जेक्सन देला बाद हुनकर जान गेल स्थानीय बासी बतएले हए l क्लिनिक मे ईलाज कराबे गेल रफिक मिंया के मृत्यु भेला बाद पक्राउ कएल गेल हए l

संबिधानमे संघियता रेखाङकन आ नामकरण केदिन नहए

श्याम सहनी “चन्द्रान्सु”
          संविधान लेखनमे अनिर्णित विषयः संघिय राज्यके नामाकरण आ शासकिय स्वरुप मुलत निर्णय बाँकी राखके संविधान घोषना कैएल कठिन चुनौतिके रुपमे देखल जाईता । शासकिय स्वरुप जनसधारणके लेल कनौ नेतासवके मौसमे लड़ाई हए । जनताके मुलचासोके रुपमे सुरक्षा स्थायित्व आ समृद्धि होईय । अमेरिका, वेलायत, भारत, जर्मनी, जापान , ब्राजिल आ सिंगापुरमे शासकिय स्वरुप अलग अलग किसिमके हए । कौनोभी शासकिय स्वरुप अपनेमे विकासके साधक आ बाधक नहोइअ । बाधक त अनावश्यक विषयके बखेड़ा करेमे दोसराके उपर शंका करेमे नेपालके राजनितिक नेतासवके क्षुद्र स्वाभाव हए ।
संघियताके भौगोलिक रेखाङकन आ संघियता राज्यके नामाकरण दुनु संवेदनशिल आ दुरगामी प्रभाव परेवाल जटिल विषय हए । नमहर दलके चार पार्टीके शीष नेतृत्वविच मे एगो जैउन १६ बुन्दे सहमीत बनल हए, उ सहमति जनताके हकहितमे करी त संघियताके रेखाङकन आ नामाकरणके लेल बालुवाटार, सिंहदरवार आ कौनो होटल, रिसोर्टके कोठा भितर बैइठके रेखाङकन आ नामाकरण नहोइ । जनताके हक अधिकार आ जनजाति, महिला, मधेशी, अपाङ्ग, मुसलमान, दलित सवके अधिकार संघियतामे उलेख करेके परि । संघियताके एगो रुप हए । हिमाल नेपालके शिर हए , पहाड विचके भाग हए, तराई पाउ आ पैर हए, नदीनाला बनजंगल देशरुपी शरिरके जिवित रक्तवाहेनी नली हए । यी चार अंगके शरिरमे बटावरा महत्व हए । केकरो कौनोके अबमूल्यन करेके नमिली । संघियताके भौगोलीक रेखाङकन उपयुक्त ढ़गसे कैल जरुरी हए ।
वि.सं २००७ से निरन्तररुपमे जनतासव खोज रहल हए प्रजातन्त्रमे मानव अधिकार, कानुनी शासन, शक्ति पृथ्वीकरण, प्रेस स्वतन्त्रता बहुलबाट, स्थानिय सरकार, आवधिक निर्वाचन, सुशासन, धार्मिक आ संस्कृतीक स्वतन्त्रता ईसव हए । प्रजातन्त्रके मुल आर्दश आ मर्म कहल स्वतन्त्र न्यायपालीका, खूलला अर्थव्यवस्था, एवं स्वत्रन्त्र समाचार आ भ्रष्टाचार मुक्त समाज । २०६६२÷६३ के दोसरका जनआन्दोलनके सफलता पूर्व संघिय लोक्तान्त्रिक गणतन्त्र नेपालके संविधान निमार्ण प्रक्रियामे अभि तक जनता आर्थिक उन्नति, शान्ति, आ संघिय संविधान चाह रहल हए ।

Thursday, July 2, 2015

बज्जिका प्रचारप्रसार टोली गठन

राजेशबर पाण्डेय 
गरुडा
बज्जिका भाषाके जनस्तरतक सकारात्मक भूमिका निर्वाह करइत भाषाके प्रचार प्रसारके लेल नौ सदस्यीय बज्जिका भाषा प्रचार प्रसार टोली गठन कएलगेल हए । नेपाल शिक्षक युनियन रौतहटके निवर्तमान अध्यक्ष योगेन्द्र प्रसाद यादवके संयोजकत्वमे गठित प्रचारप्रसार टोलीमे बज्जिका भाषा विकास परिषद नेपालके अध्यक्ष शिवचन्द्र साह, बज्जिका प्रशिक्षक विन्देश्वर साह आ विपिन बिहारी सिंह, पुरुषोत्तम मिश्र, नेपाल बज्जिका भाषा शिक्षक प्रतिष्ठानके अध्यक्ष सफिन्द्र प्रसाद यादव, पत्रकार आलोक पान्डे, बज्जिका लेखिका समतोलिया कुमारी मुखिया आ पत्रकार जयप्रकाश यादव रहल छत । आगामी दिनमे बज्जिका भाषाके प्रचार प्रसार विद्यालयसे लेके समाजके विभिन्न क्षेत्रमे करेके प्रतिक्रिया टोलीके संयोजक योगेन्द्र प्रसाद यादव देले छथिन ।
पत्रकार भेला  आयोजक समिति गठन
बज्जिका भाषाके क्षेत्रमे कार्यरत पत्रकारलोगे भेलासे आगामी दिनमे पत्रकार सबके एगो संगठन बनाबेके लेल बज्जिका पत्रकार भेला आयोजक समितिके गठन कएलगेल हए । रौतहटके गौरमे भेल एगो भेलासे शीतलपुर साप्ताहिकके प्रकाशक सम्पादक जयप्रकाश यादवके संयोजकत्वमे नौ सदस्यीय भेला आयोजक समिति गठन कएलगेल हए । समितिमे रेडियो मधेस मसला एफएमके स्टेशन म्यानेजर मनोज कुमार चौधरी, गोरखापत्र दैनिकके नया नेपाल बज्जिका भाषा पृष्ठ सहयोजक समतोलिया कुमारी मुखिया, हमनीके आवाज मासिक पत्रिकाके प्रकाशक अल्पना कुमारी, राजदेवी एफएमके प्रतिनिधि दीपेन्द्र यादव, रौतहट एफएमके प्रतिनिधि चन्चल झा, क्रान्तिद्वार दैनिकके प्रेमचन्द्र झा, बारासे नेपाल पत्रकार महासंघ बाराके पूर्वअध्यक्ष लक्ष्मी साह आ सर्लाहीसे शिवकिशोर सिंह रहल खबर हए । बज्जिका पत्रकार सब अब संगठित होके काम करेके वातावरण बनरहल नवगठित समितिके संयोजक यादव जानकारी करएले छत ।

सडक नाटक

राजेशबर पाण्डेय 
गरुडा
रौतहटके विभिन्न स्थानमे जनचेतनामूलक सडक नाटक प्रदर्शन कएलगेल हए । जनसेवा नेपालके कलाकारद्वारा चन्द्रपुर नगरपालिकाके सहयोगमे नगरपालिकाके विभिन्न वडामे कलाकार सबद्वारा बालबालिका, अभिभावक, महिला तथा अन्य सरोकारबालाके बीचमे सडक नाटक प्रदर्शन कएलगेल  हए । बालअधिकार आ बालबालिकाके जवाबदेही बनाबेके विषयमे नाटक केन्द्रित रहल जनसेवा नेपालके बरिष्ठ बाल समूह परिचालक गोविन्द राम जानकारी करएले छत ।

Monday, June 29, 2015

जिलाके उत्कृष्ट छात्रा निर्मल यादवके विज्ञान पढेके चाहना

राजेशबर पाण्डेय 
गरुडा
एसएलसी परीक्षा २०७१ मे रौतहटसे सम्मिलित सभी परीक्षार्थीसे बेसी नम्बर लेआके पास होएबाला छात्रा निर्मल यादव विज्ञान विषय लेके पढेके इच्छा व्यक्त कएले छत । रौतहटके गरुडा नगरपालिकास्थित न्यु डिभाइन लाइट इंग्लिस बोर्डिङ स्कुलसे एसएलसी परीक्षामे सहभागी होके ८०० पूर्णाङ्कके परीक्षामे ७१० नम्बर लेआके जिलामे उत्कृष्ट बनल दीपही निवासी शिक्षक राजेश कुमार यादवके लडकी निर्मल यादव काठमान्डुमे विज्ञान पढेके इच्छा रखइत भविष्यमे निजामती सेवामे प्रवेश कके देशके सेवा करेके चाहना व्यक्त कएले छत । स्कुलके समयके अलावा हर दिन कम्तीमे आठ घन्टा पढाइके लेल देबेबाला छात्रा निर्मल ८८.७५ प्रतिशतके नम्बरके साथे रौतहट जिलामे सबसे बेसी नम्बर लेआबेबाला परीक्ष्ाँर्थी बनलापर अपनाके खुसी लागल बतबइत अइसन सफलतामे माई–बाबु, शिक्षकजनके साथे अपन मेहनत मुख्य कारक रहल बतएलन् । घरके वातावरण आ स्कुलके वातावरणके साथे प्रतिभावान विद्यार्थी होएलापर साधारण स्कुलके छात्रा भी जिलामे फस्ट होसकेके उदाहरण निर्मल बनलासे गौरवान्वित महसुस होरहल छात्रा निर्मलके प्रिन्सिपल विक्रम यादव जानकारी करएले छत । कक्षा १ से १० तक हरदम प्रथम स्थान प्राप्त करते आरल निर्मल सफलतामे अपन मेहनत भी बहुत काम कएले छात्राके पिता राजेश कुमार यादव बतएले छत । जिलामे बहुते विद्यार्थी फेल भेलापर अपनाके दुख लागल कहइत हौसला राखके फेरसे मेहनत करेके सलाह निर्मल देले छत ।

सात परीक्षार्थी निष्काशित

रौतहटके विभिन्न केन्द्रसे स्नातक तहके सात परीक्षार्थी निष्काशित भेल हए । त्रिभुवन विश्वविद्यालयसे आएल निरीक्ष्ँण टोली जनज्योति बहुमुखी क्याम्पस केन्द्रसे पांच जने आ मध्यरौतहट बहुमुखी क्याम्पस गरुडा केन्द्रसे दू जने मिलाके सातजने परीक्षार्थीके निष्काशित कएले हए । स्नातक तहके तिसरका वर्षके त्रिभुवन विश्वविद्यालयद्वारा लेल जारहल वार्षिक परीक्षामे अमर्यादित क्रियाकलाप कएलाके चलते टोलीद्वारा परीक्षासे निष्काशित कएलगेल हए । जनज्योति बहुमुखी क्याम्पस केन्द्र चन्द्रपुरसे निष्काशित होएबालामे ओम कलेज सन्तपुरके ३ जने, दुधियवा क्याम्पसके २ जने आ मध्यरौतहट बहुमुखी क्याम्पस गरुडा केन्द्रसे निष्काशित होएबालामे जनज्योति बहुमुखी क्याम्पस चन्द्रपुरके २ जने रहल हए ।

रौतहटके रिजल्ट घटल

रौतहटमे एसएलसी परीक्षाके रिजल्ट घटल हए । एसएलसी परीक्षा २०७१के रिजल्ट अएलाके बाद राष्ट्रिय रिजल्टके तुलनामे रौतहटके स्थानीय रिजल्ट बहुत कम देखलगेल हए । देशके समग्र रिजल्ट ४७.४३ प्रतिशत रहलापर भी रौतहटके रिजल्ट ३१.६६ प्रतिशत रहल देखलगेल हए । जिलामे सहभागी छओ हजार दू सय चौतीस परीक्षार्थीमध्ये एक हजार नौ सय चौहत्तर परीक्षार्थी मात्रे एसएलसी पास होएलासे जिलाके रिजल्ट राष्ट्रिय रिजल्टके तुलनामे बहुते कम देखलगेल हए । जिलामे ९६ जने परीक्षार्थी विशिष्ट श्रेणीमे पास भेल आ विशिष्ट श्रेणीमे पास भेल अधिकांश परीक्षार्थी बोर्डिङओरके ही रहल देखलगेल हए । जिलाके सरकारी स्कुलमे सबसे बेसी जुद्ध उच्च माध्यमिक विद्यालय गौरसे तीनजने परीक्षार्थी विशिष्ट श्रेणीसे उत्तीर्ण भेल हए ।

ट्राफिक सचेतना कार्यक्रम

राजेशबर पाण्डेय 
गरुडा
  रौतहटके गरुडामे एक दिवसीय ट्राफिक सचेतना कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए । ग्रामीण शिक्षा विकास नेपालद्वारा गरुडा नगरपालिकाके सहयोगमे उच्च माध्यमिक विद्यालय गरुडाके माध्यमिक तहके विद्यार्थीके लेल एक दिवसीय ट्राफिक सचेतना कार्यक्रम कएलगेल हए । आयोजक संस्थाके अध्यक्ष जयप्रकाश यादवके अध्यक्षता आ विद्यालयके सहायक प्रधानाध्यापक राम एकबाल पटेलके प्रमुख आतिथ्यके साथे गरुडा नगरपालिकाके प्रतिनिधि अर्जुन यादवके उपस्थितिमे सम्पन्न कार्यक्रममे जिला ट्राफिक कार्यालय रौतहट गौरके सई जटाशंकर सिंह विद्यार्थीके ट्राफिक सचेतना विषयपर तालिम देले रहलन् । तालिममे करिब एक सय विद्यार्थीके सहभागिता रहल रहे ।

गरुडा चौक अस्तव्यस्त

राजेशबर पाण्डेय 
गरुडा
मध्यरौतहटके गरुडा चौक अस्तव्यस्त बनल हए । चौकपर जेनही तेनही गाडी पार्किङ करेके आ चौकी, ठेला, छैंटीटोकरी राखके दोकान छानदेबेके प्रवृत्ति बढलासे चौक अस्तव्यस्त बनल हए । गरुडा चौकपर रहल राष्ट्रिय वाणिज्य बैंकके अगाडि सडकपर पीचरोडके चापके दर्जनो मोटरसाइकिल खडा करेके आ मेथुर चौकके दुनुओर ठेलाके साथे चौकीपर विभिन्न किसिमके दोकान राखेके प्रवृत्ति बढलासे गरुडाके मुख्य चौकके पीच सडक बेसी अस्तव्यस्त बनल देखलगेल हए । मेथुर चौकसे उत्तर दुर्गा मन्दिर चौकतक दुनुओर विभिन्न किसिमके दोकान छानेके आ मेथुर चौकसे दखिन दुनुओर मूल दोकानदार सब ही अपना दोकानके सामान लगभग पीचतकले राखेके प्रवृत्ति बढल हए । पीच रोडके साथे दुनुओर बनल नालातकके जमिनके खाली राखेके जगहपर सामान धरेके प्रवृत्तिके विकास होएलापर भी सम्बन्धित निकायके ध्यान नपुगलासे गरुडाके सुन्दर आ सफाके साथे फैली देखेचाहेबाला लोगके मनमे ठेस पहुचल हए । गरुडा उद्योग वाणिज्य संघ, ट्राफिक प्रहरी, नेपाल प्रहरीलगायत नागरिक समाजके ध्यान गरुडाके अइसन समस्याके ओर तत्काल जाएके बुद्धिजीवी सबके कहनाम रहल हए ।

एक परीक्षार्थी सात कर्मचारी

राजेशबर पाण्डेय 
गरुडा
 त्रिभुवन विश्वविद्यायके चलरहल स्नातक तहके तिसरका बरिसके परीक्षामे सोमवारके विषयमे रौतहटके एगो केन्द्रपर एकजने मात्र परीक्षा देले हए । मध्यरौतहट बहुमुखी क्याम्पस गरुडा केन्द्रपर राजनीतिशास्त्र विषयके परीक्षामे एकजने परीक्षार्थी मात्र सम्मिलित भेल हए । जनज्योति बहुमुखी क्याम्पस चन्द्रपुरसे नियमित विद्यार्थीके रुपमे शिवनारायण साह अकेले परीक्षा देले आ एकजने परीक्षार्थीके लेल सातजने कर्मचारी खटल रहे । एकजने परीक्षार्थीके लेल केन्द्राध्यक्ष, सहायक केन्द्राध्यक्ष, प्रहरी आ प्रशासनिक कर्मचारी मिलाके सातजने कर्मचारी रहल जानकारी प्राप्त भेल हए ।
 

Sunday, June 28, 2015

पूर्णिमा प्रकाशित

रौतहटसे एगो साहित्यिक पत्रिकाके प्रकाशन भेल हए । मध्यरौतहट साहित्य समाजके ओरसे पूर्णिमा साहित्यिक त्रैमासिकके पहिल अंकके प्रकाशन कएलगेल हए । नेपाली भाषा आ साहित्यके क्षेत्रमे कुछ बरिससे प्रकाशनके अवस्था शून्य रहलापर पूर्णिमाके प्रकाशनसे साहित्यिक जगतमे नयाँ ऊर्जाके संचार भेल हए । आठ पृष्ठके मात्रे रहल पूर्णिमा लघुपत्रिकामे विभिन्न विधाके साहित्यिक रचना प्रस्तुत कएलगेल हए । पत्रिकामे बज्जिका भाषाके रचनाके भी पर्याप्त स्थान देलगेल हए । पत्रिकाके व्यवस्थापन पक्षमे जिसी हरि, विश्वनाथ सञ्जेल, राम अधार पासवान, रेणु गुप्ता, सञ्जय मित्र आ सञ्जय सुदामासहित आधा दर्जन साहित्यानुरागी लोगके रहल हए । पत्रिकामे डा. घनश्याम परिश्रमी, रुद्र ज्ञवाली, रमेश समर्थन, माधव काफ्ले, शीतल गिरी, रमेश मोहन अधिकारी, गोपाल सञ्जेल, आरआर चौलागाई, दीपक गौतम, डा. वशी मिकरानी सन्तराम राईलगायत करिब दू दर्जन सर्जकके लघु आकारके रचना प्रकाशित भेल हए । पत्रिकाके निरन्तरताके प्रतिबद्धतासहित जिलाके पहिचानके रुपमे पत्रिकाके स्थापित करेके योजना रहल पत्रिकाके व्यवस्थापन पक्षमे संलग्न साहित्यकार विश्वनाथ सञ्जेल जानकारी करएले छत ।

बज्जिका भाषा आ संस्कृतिपर चर्चा

रौतहटके गौरमे बज्जिका भाषा आ संस्कृतिपर चर्चा कएलगेल हए । ग्रामीण शिक्षा विकास नेपाल जेठरहियाके आयोजना आ जिला विकास समिति रौतहटके सहयोगमे गौरस्थित होटल सिया प्यालेसमे संचालित दू दिवसीय कार्यक्रमके उदघाटन करइत निमित्त स्थानीय विकास अधिकारी गजेन्द्र प्रसाद यादव मातृभाषाके सम्मानसे माता आ माटी दुनुके सम्मान होएके बतएलन् । संस्कृतिके संरक्षण करनाइ भी ओतने जरुरी रहल यादवके कहनाम हए । नेपाल शिक्षक युनियन रौतहटके निवर्तमान अध्यक्ष योगेन्द्र प्रसाद यादव, बज्जिका भाषा विकास परिषद नेपालके अध्यक्ष शिवचन्द्र साह, बज्जिका प्रशिक्षक विपिन बिहारी सिंहलगायतके लोग बज्जिका संस्कृति आ भाषाके विविध विषयपर प्रकाश पारइत बज्जिकाके संरक्षण आ विकासपर जोर देलन् । सर्लाही, रौतहट, बारा आ भारतके सीतामढी जिलासे संचारकर्मी तथा बज्जिका भाषासेवीलोगके सहभागिता रहल कार्यक्रममे बज्जिका लेखिका मेनका साह, समतोलिया मुखिया, नेपाल बज्जिका शिक्षक प्रतिष्ठानके अध्यक्ष सफिन्द्र प्रसाद यादव, नेपाल पत्रकार महासंघ रौतहट शाखाके अध्यक्ष शैलेन्द्र प्रसाद गुप्ता, दैनिक भास्करके बैरगनिया सम्वाददाता लगायतके लोग बज्जिका लोकसंस्कृतिके विकास आ विस्तारपर जोर देलन् । कार्यक्रमके अध्यक्षता आयोजक संस्थाके अध्यक्ष जयप्रकाश यादव कएले रहे ।

अभिमुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न

चन्द्रपुर नगरपालिकाके सहयोगमे जनसेवा नेपालद्वारा मंगलपुरमे बालमैत्री स्थानीय शासन सम्बन्धी एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए । बालबालिका तथा अभिभावक समेतके लेल आयोजित सचेतना कार्यक्रममे स्थानीय विभिन्न राजनीतिक दलके प्रतिनिधिसहित एक सय दश जनेके सहभागिता रहल रहे । बालबालिकाके लेल प्रँप्त अधिकार र बजेटके बालबालिकाके ही हितमे खर्च होनाइ महत्वपूर्ण रहल लोगके कहनाम रहल रहे । बालबालिकाके महसुस होएबाला किसिमसे स्थानीय शासन होनाइ भी महत्वपूर्ण रहल सहभागीलोगके कहनाम रहे । गोविन्द रामद्वारा संचालन कएलगेल कार्यक्रममे बालबालिकाके हकहितके विषयमे आयोजक संस्थाके कार्यक्रम संयोजक भाग्यनारायण महतो विशेष चर्चा कएले रहलन ।

बलात्कारके घटनाके आरोपीद्वारा स्वीकारोक्ति

रौतहटके कटहरिया एरियामे भेल बलात्कारके घटनाके आरोपीद्वारा आरोप स्वीकार कएले खबर हए । कटहरिया वडा नम्बर ८के ३० वर्षे भुइल साह आ वडा नम्बर ५ के अजय साहद्वारा घटनामे अपन संलग्न स्वीकार कएले इलाका प्रहरी कार्यालय गरुडाके प्रहरी निरीक्षक सन्तुलाल जैस्बार जानकारी करएले छत । विर्ती प्रस्टोका गाविसके एकजने महिलाके बलात्कारके आरोपमे पक्राएल दुनुजने आरोपके स्वीकार कएले हए । घटनाके विषयमे थप अनुसन्धान होरहल प्रहरी निरीक्षक जैस्बारके कहनाम हए ।

खैनीके खेती बढल

रौतहटके विभिन्न गाविसमे खैनी खेती बढल हए । जिलाके उत्तरी क्षेत्रके गाविसके साथे चन्द्रपुर नगरपालिकाके विभिन्न गांओ खैनी खेती बढल हए । खैनीके व्यावसायिक खेतीके लेल उत्तरी क्षेत्रके जमिन उपयुक्त रहल आ तनिके खेतीमे बेसी आम्दानी होएलासे सर्वसाधारण किसानके आकर्षण बढल हए । खैनी खेतीके लेल बारम्बार अनेक किसिमके तालिम देलजारहल आ बैंकके साथे खैनी किनेबाला बेपारीसे भी खेतीके लेल सहुलियत प्राप्त होएलासे सर्वसाधारण किसानको आकर्षण खैनी खेतीपर बढल हए । खैनीके उत्पादनके बाद बेपारी सब घरमेसे ही किनके लेजाएके आ निमन भाओ देबेके होएलासे खैनी खेती बढल देखलगेल हए । सिगरेट बनाबेबाला कम्पनी, खैनीके पैकिंग करेबाला कम्पनी आ बजारमे सेवन करेबालाके लेल बेचेबाला लोग दुरेपर जाके खैनी किने लगलासे खैनीके खेती बढल एकजने किसान जानकारी करएले छत । खैनी खेती कएलापर कौनो मालजालके डर भी नहोएके आ खेतमेसे चोर भी चोराके नजाएके होएलासे सर्वसाधारण किसान खेती बिना टेन्सनके खैनी खेतीके ओर आकर्षित भेल हए ।

डि.आई.जि. द्वारा कएल गेल हए अनुगमन

मध्य रौतहटके बिच भागमे रहल एक मात्र प्रहरी स्कुल मध्य क्षेत्रीय प्रहरी आवसीय माध्यमिक विद्यालय बसविट्टी जिंगडियामे अनुगमन कएल गेल हए । मध्यक्षेत्रीय प्रहरी कार्यालय हेटौंडाके डि.आई.जि. देवेन्द्र सुवेदीके नेतृत्वमे आएल निरीक्षण टोलीमे नारायणी अंचलके एसएसपि, जिला प्रहरी कार्यालय रौतहटके एसपि,  इलाका प्रहरी कार्यालय गरुडाके  इन्सपेक्टर लगायतके लोग रहल रहे ।  अनुगमनके क्रममे विद्यालयमे उपस्थित विद्यार्थी, शिक्षक वर्गसे वातचितके क्रममे २०७१ सालके एस.एल.सि परीक्षमे प्राप्त कएले सत प्रतिसत नतिजाके देखइत सम्पूर्ण विद्यार्थी आ शिक्षक वर्गके धन्यवाद देले रहलन । साथै यि स्कुल प्रहरीके स्कुल होएलाके बाबजुद ग्रामीन क्षेत्रके विद्यार्थीसबके बाहुल्यता बहुत आ विद्यालय प्रति अभिभावक सबके विद्यालयप्रतिके चिन्तन आ मनन देखला से अगामी दिनमे भि अइसने नतिजा लेआवेमे सफल होएके बात बतबइत अग्रीम बधाई देले छत् ।

आंख स्वास्थ्यसम्बन्धी जनचेतना

नेपाल नेत्रज्योति संघ रौतहट शाखाके आयोजनामे रौतहटके गरुडामे आंख स्वास्थ्यसम्बन्धी एक दिवसीय जनचेतना कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए । सन २०२०के अन्ततक नेपालसे अन्धापनके हटाबेके लेल जनचेतना अभियानअन्तर्गत संघके रौतहट अध्यक्ष्ँ दुर्गाप्रसाद यादवके अध्यक्षतामे गरुडास्थित स्वास्थय चौकीमे सम्पन्न कार्यक्रममे १४ जने महिलासहित २८ जनेके सहभागिता रहल रहे । कार्यक्रममे सहभागी सबके गौर आंख अस्पतालके नेत्र अधिकृत रामचन्द्र प्रसाद पासवान, नेत्र अधिकृत विपिन साह आ प्रशिक्षक सत्येन्द्र पान्डेलगायतके लोग आंखके बेमारीके साथे बचाव आ उपचारके विषयमे जानकारी करएलन् । सामुदायिक विकास समाज नेपालके अध्यक्ष पंकज कुमार जयसवाल, स्वास्थ्य चौकी प्रमुख राम प्रकाश साहलगायतके लोगके भी उपस्थितिमे सम्पन्न कार्यक्रममे नेपालमे अढाई लाखसे बेसी लोग अन्धापनके सिकार बनल जेमेसे करिब साठ प्रतिशत तराई क्षेत्रमे रहल जानकारी कराबलगेल हए ।
सम्पन्न भेल हए मोतियाविन्द के शिविर गरुडा नगरपालीका अन्तर्गतके सामुदायिक विकाश समाज नेपालके आयोजना, गौर आंखा अस्पतालके सहयोग आ गरुडा नगरपालीकाके सहकार्यमे मोतियाविन्दुके शिविर सम्पन्न भेल हए । गरुडा नगरपालीकाके स्वास्थ चौकी रहल भवनमे शिविर संचालन भेल रहे । स्वास्थ चौकीके प्रमुख राम प्रकाश साहके अध्यक्षतामे सम्पन्न भेल रहे । कार्यक्रममे आयोजक संस्थाके अध्यक्ष पंकज कुमार जयसवाल, रा.प्र.पा.के प्रतिनिधी नवल किसोर यादव, नेपाली कांग्रेशके प्रतिनिधी तथा पूर्व गा.वि.स. उपाध्यक्ष रामकृष्ण चौधरी आ एच.ए. शिवपुजन राय यादवके उपस्थिती रहल रहे । कार्यक्रममे गौर आंखा अस्पतालके नेत्र अधिकृत शम्भु पासवानके नेतृत्वमे आएल १० सदस्यी टोली ३५० जना आंख रोगी विरामीके चेक जांच कएले रहलन । चेक जांच कएल गेल विरामी मध्ये १४६ जना पुरुष आ १५४ जना महिला रहल रहे । चेक जांचके क्रममे १२५ जना मोतियाविन्दके रोगी भेटल संस्थाके सचिव रामवालक साह जानकारी करएलन । आंख शिविर संचालनके क्रममे स्वास्थय चौकीके सम्पूर्ण स्वास्थकर्मि तथा सामुदायिक विकाश समाज नेपालके सम्पूर्ण पदाधिकारी सबके सहयोग कएले संस्थाके सदस्य कुन्दन साह जानकारी करएले रहलन ।

गरुडामे छापामारी

रौतहटके गरुडामे नेपाल प्रहरीद्वारा दुगो दोकानमे छापामारी कएलगेल हए । गरुडाके रौतहट साइबर आ जनक पुस्तक दोकानमे छापामारी कके इलाका प्रहरी कार्यालय गरुडा तीन थान कम्प्युटर नियन्त्रणमे लेले हए । जिलाके विभिन्न स्कुलमे कम्प्युटरके चोरी भेल आ चोरीके कम्प्युटर दोकानमे रखले अति गोप्य सूचनाके आधारपर दुनु दोकानमे छापामारी कएलगेल आ तीनगो कम्प्युटर बरामद कएलगेल इलाका प्रहरी कार्यालय गरुडाके इन्स्पेक्टर सन्तुलाल जैस्बार जानकारी करएले   छत । कुछ दिन पहिले जय किसान उच्च माध्यमिक विद्यालय धरहरी आ सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्यालय खेसरहियासे कम्प्युटर चोरी भेल रहे । अइसही कटहरियास्थित जनता उच्च माध्यमिक विद्यालयसे भी गत साल कम्प्युटर चोरी भेल रहे । गरुडासे बरामद भेल कम्प्युटरके विषयमे छानबिन होरहल इन्स्पेक्टर जैस्बार जानकारी करएले छत ।

बज्जिका भाषाक भाषीलोग “अपन भाषा आ संस्कृती संरक्षण आ अम्बद्र्धनमे ही गर्व करु”


गौर÷“अपन भाषा आ संस्कृती संरक्षण आ अम्बद्र्धनमे ही गर्व करु” कहईत नाराके साथ दु दिनहा अन्तरक्रिया एवं जनचेतनामुलक कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए । ईतीहासमे पहिले बेर रौतहटके सदरमुकाम गौरमे ई ऐतिहासीक कार्यक्रम विभिन्न बज्जिाका भाषा प्रेमी बारा, सर्लाही आ रौतहट जिल्ला और भारत विहारके सितामढी जिल्लाके लोगसवके सहभागीतामे सम्पन्न भेल हए । अगाडि़के दिनमे बज्जिका भाषाके विकास आ संस्कृतीके सम्बद्र्धन केना होई उसव योजना तय करईत कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए ।
बज्जिका भाषाके पूर्ण विकासके लेल रौतहट जिल्लामे अभितक चारको पत्रिका, एगो अनलाईन आ पाँचको रेडियो स्टेशन काम कररहल हए । जवकी लगभत सव पत्रिकामे बज्जिकाके स्थान देहल जारहल हए । नेपाल सरकारके अधिकारीक पत्रिकार गोरखापत्र दैनिकमे भि हरेक महिनाके १० आ २४ गते बज्जिाका भाषाके लेख रचना आदी प्रकाशित होइत आएल हए ।
नेपालमे सातवा भाषाके रुपमे रहल बज्जिका भाषाके विकासके लेल जिल्ला विकास समिति रौतहटके आर्थिक सहयोगमे ग्रामिण शिक्षा विकास नेपाल जेठरहिया नामक गैर सरकारी संस्था गौरमे रहल होटल सिया पैलेसमे उ कार्यक्रमके आयोजना कएले रहे । कार्यक्रमके उदघाटनके क्रममे जिल्ला विकास समिति रौतहटके निमित स्थानिय विकास अधिकारी एवम कार्यक्रमके प्रमुख अतिथि बज्जिका पुत्र गजेन्द्र राय यादव देशके कुल जनसंख्या ३ करोड भेल परिबेशमे बज्जिका भाषा बोलेवालाके भारत आ नेपालमे संख्या ४ करोड रहल बतवईत बज्जिका भाषाके संरुक्षण करेके जरुरी रहल बतएलन । यादव अपना भाषा आ संस्कृतिके संरक्षणके लेल सवआदमीके लागेके पर कहईत संस्था कएले कार्यक्रम प्रति धन्यवाद देईत आवेवाला दिनेसवमे भी भाषा आ संस्कृतिके संरक्षण एवम सम्बद्र्धनके लेल सकेजेतना सहयोग करेके प्रतिबद्धता कएले रहलन  ।
कार्यक्रमके विशिष्ट अतिथि बज्जिका पुत्र नेपाल शिक्षक युनियन रौतहटके अध्यक्ष योगेन्द्र यादव, नेपाल बज्जिका भाषा प्रतिष्ठानके अध्यक्ष शिवचन्द्र साह, बज्जिका प्रशिक्षक विपिन विहारी सिंह, नेपाल प्रहरीका प्रहरी निरिक्षक उदयभान द्धिवेदी, नेपाल बज्जिका शिक्षक प्रतिष्ठानका अध्यक्ष सफिन्द्र यादव, नेपाल पत्रकार महासंघ रौतहटके अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता, भारत विहारके दैनिक भाष्करके विश्वनाथ चौधरी लगायतके लोगसव बज्जिका भाषा आ संस्कृतिके ईतिहास बारे चर्चा करइर्त अपन मन्तव्य व्यक्त कएले रहलन ।

Tuesday, June 16, 2015

बज्जिका पूर्ण भाषा ः सर्वे

बारासे महोत्तरीतक बोलेजाएबाला बज्जिका भाषा अपनेआपमे पूर्ण भाषा रहल सर्वेसे देखलगेल हए । त्रिभुवन विश्वविद्यालयके भाषाविज्ञान केन्द्रीय विभागद्वारा पर्हु कएलगेल स्थलगत सर्वेसे तयार पारलगेल रिपोर्टमे बज्जिका पूर्ण भाषा रहल स्पष्ट कएलगेल हए । त्रिभुवन विश्वविद्यालयके भाषाविज्ञान केन्द्रीय विभागके विभागीय प्रमुख प्रा.डा. दानराज रेग्मीके नेतृत्वमे एगो टोली पर्हु सर्लाहीके मलंगवा, बरहथवा, रौतहटके गरुडा, गौर आ कटहरियामे कार्यक्रम कऽके विभिन्न व्यक्तिके साथे बोलचालके सर्वे कएले रहे । स्थलगत सर्वेके टोलीमे डा. बलराम प्रसाइँ, डा. अम्बिका रेग्मी, गोपाल ठाकुर आ भाषाविज्ञान विभागसे सम्बन्धित आउरो कुछ सदस्यके सहभागिता रहलरहे ।
नेपालके भाषिक सर्वेक्षण परियोजनाके निर्देशकसमेत रहल प्रा.डा. रेग्मीके टोलीद्वारा कएलगेल अध्ययनके रिपोर्ट तयार होएलापर रेग्मी  प्रतिक्रिया देइत कहलन् “बज्जिका अपनेआपमे पूर्ण भाषा हए ।” विभिन्न परोसी भाषासब बज्जिकाके उपर अप्पन दाबी ठोकरहल अवस्थामे त्रिविके भाषाविज्ञान विभागके स्थलगत सर्वेके बाद आएल रिपोर्टसे भाषावैज्ञानिक दृष्टिसे बज्जिका पूर्ण आ स्वतन्त्र भाषा रहल प्रमाणित भेल हए ।
“अ सोसियोलिङ्ग्विस्टिक सर्वे अफ बज्जिका” नाओ रहल रिपोर्टके त्रिविके लेल प्रा.डा. दानराज रेग्मी, डा. बलराम प्रसाइँ आ डा. अम्बिका रेग्मी प्रस्तुत कएलेछथिन् । १३५ पेजके प्रतिवेदनके नौ अलगअलग भागमे तयार कएलगेल हए । जुलाई २०१४मे तयार कएलगेल रिपोर्टसे बज्जिकाके आधिकारिकरुपसे पूर्ण बज्जिकाके मान्यता प्राप्त भेल हए । बज्जिकापर विश्वविद्यालयके भाषाविज्ञान केन्द्रीय विभागद्वारा पहिलबेर स्थलगत सर्वेक्षण कऽके आधिकारिकता देलासे बज्जिकाभाषीके पूर्ण भाषाके दाबी ठीक रहल साबित भेल हए ।
भाषाविज्ञान केन्द्रीय विभागके तरफसे भाषावैज्ञानिक अध्ययनके बाद बज्जिकाके आधिकारिक तौरपर पूर्ण भाषाके रिपोर्ट अएलासे बज्जिकाभाषीपर न्याय भेल प्रतिक्रिया देलजारहल हए । नेपालके प्राचीन भाषामेसे एगो रहल बज्जिकाके बोलेबाला नेपालमे पचीस लाखसे बेसी हए मगर पछिलका जनगणनासे सातमा लमहर भाषाके रुपमे आएके करिब आठ लाख लोग मातृभाषाके रुपमे लिखएले हए । बज्जिका चेतनाके पक्षमे एगो बहुत सकारात्मक आ ठोस उपलब्धि रहल कहइत बज्जिका भाषा विकास परिषद् नेपालके केन्द्रीय अध्यक्ष शिवचन्द्र शाह प्रतिक्रिया देलेछथिन् ।

सम्पदामे बज्जिका

जनसांस्कृतिक महासंघ, भाषा तथा लोकसाहित्य मञ्च नेपालके प्रकाशन सम्पदाके भाषा विशेषांकमे बज्जिका भाषा भी परल हए । प्रा.डा. पारसमणि भण्डारी संरक्षक रहल सम्पदाके सम्पादक मण्डलमे प्रा.डा. राजेन्द्रप्रसाद पौडेल, सहप्राध्यापक केशवराज पोखरेल, दावा शेर्पा। कर्णाखर खतिवडा आ सिद्धिबहादुर महर्जन रहल छथिन् । बारहगो भाषाके विषयपर विभिन्न विद्वानद्वारा लिखलगेल आलेख रहल सम्पदामे भाषा आ व्याकरणके विषयमे लिखलगेल थप तीनगो लेख भाषाउपर लिखलगेल हए । बज्जिक भाषाके विषयपर सम्पादक मण्डलके ही प्रा.डा. राजेन्द्रप्रसाद पौडेल “बज्जिका भाषाको अध्ययन” शीर्षकमे आलेख तयार कएलेछथिन् । विषय प्रवेश, पृष्ठभूमि, भाषिक पहिचान, विस्तार, वर्ण व्यवस्था, लिङ्ग, वचन, आदर, काल, विशेषण, आ वाच्य व्यवस्था, स्थितिजइसन उपशीर्षकमे प्रा.डा. पौडेल प्रकाश पारइत बज्जिकाके जीवन्त भाषाके रुपमे चिन्हएले छथिन् । पछिलका दुगो जनगणनाके बीचमे आएल बज्जिका चेतनाके प्रा.डा. पौडेल बहुत गतिशील कहइत बज्जिका भाषाके लेल भेल आ होरहल कामके बहुत प्रशंसा कएलेछथिन् ।
सम्पदामे बज्जिकाके साथे मैथिली, किराँती, गुरुङ, भुजेल, लिम्बु, धिमाल, दुमी, दनुवारी, दराई, दुरा आ व्याँसी भाषापर विभिन्न विद्वानद्वारा आलेख प्रकाशित हए । नेपालीय बज्जिकाके विषयपर प्रकाश पारलगेल पहिल लेख हए जे त्रिभुवन विश्वविद्यालयके प्रा.डा.द्वारा लिखलगेल हए । नेपालके भाषाके क्षेत्रमे ख्यातिप्राप्त विद्वान आ नेपाली भाषाके विभागीय प्रमुखद्वारा बज्जिकाके स्वतन्त्र भाषा स्वीकार कऽके लिखलगेल ई लेखके ऐतिहासिक महत्त्व रहल हए । उच्च बौद्धिक क्षेत्रके भाषिक विद्वानलोगके बीचमे बज्जिकाके पहुच भी एगो उपलब्धिके रुपमे रहल नेपाल बज्जिका भाषा शिक्षक प्रतिष्ठानके अध्यक्ष सफिन्द्र प्रसाद यादव प्रतिक्रिया देलेछथिन् । बज्जिका भाषावैज्ञानिक दृष्टिकोणसे अध्ययन कएलगेलासे बज्जिकाके विषयमे जानकारी लेबे चाहेबालाके लेल भी प्रा.डा. पौडेलके लेख महत्त्वपूर्ण रहल हए ।

वैशालीमे बज्जिका विश्वविद्यालय

भारतके बिहार प्रान्तके वैशालीमे बज्जिका विश्वविद्यालय खुलेबाला होएल हए । इन्दिरा गान्धी युनिभर्सिटी अफ टेक्नोलोजी एन्ड मेडिकल साइन्सेज अरुणाचल प्रदेशके कुलाधिपति डा. प्रियरंजन त्रिवेदी ई घोषणा कएले छथिन । पटनामे एगो पुस्तकके लोकार्पण समारोहमे पहुँचल डा. त्रिवेदी कहलन कि विश्वविद्यालय खोलेमे करिब पाँच सय करोड रुपैया खर्च होई । अगर एइसे अधिक राशिके जरुरत होई त बज्जिका क्षेत्रसे जुटल लोगसे सहायता लेल जाई । वज्जिका भाषाके बढावा देबेके लेल ई विश्वविद्यालय खोलल जारहल हए । विश्वविद्यालयके लेल जमिन अधिग्रहणके प्रक्रिया अन्तिम चरणमे  हए । समारोहमे उपस्थित शिक्षामन्त्री वृशिण पटेलसे आग्रह करइत कहलन कि निजी विश्वविद्यालयके बढावा देरहल सरकार बज्जिका विश्वविद्यालय खोलेमे मदत करो । ३० नोभेम्बर २०१४ एतबारके हिन्दुस्तान दैनिक पत्रिकामे बज्जिका विश्वविद्यालयसे सम्बन्धित ई खबर प्रकाशित हए ।

Sunday, June 14, 2015

खुल्याम तस्करी असई महिन्द्र यादवके नेतृत्वमे

दिनेश संगम
गौर, जेष्ठ ३१/महाभुकम्प आ राजनितिक तरलताके फाईदा उठवई अभि रौतहटमे खुल्याम तस्करी होरहल समाचार प्राप्त भेल हए । समाचार श्रोतके अनुसार रौतहटके प्रमुख नाका गौर भन्सार होईत खूल्याम रुपमा विभिन्न प्रतिवन्धी सर समानके तस्करी होरहल देखल गेल हए । 
सुरक्षाके लेल खटावल गेल गौर भन्सार सुरक्षा गार्ड नेपाल प्रहरी आ शसस्त्र प्रहरीके मिलोमतोमे हरेक रातमे भारी मात्ररामे गौर से बैरगनिया और बैरगनियासे गौर विभिन्न सरसमानके तस्करी होरहल स्थानिय राजिनन्द महतोके दावी रहल हए  । गौरसे होरहल तस्करी नेपाल प्रहरीके गौर भन्सार चौकीके असई महिन्द्र यादवके नेतृत्वमे होरहल श्रोतके दावी रहल हए । हरेक दिन कसईली, इलाईची, रेडिमेड कपडा, चपल, जुता लगाएत औरो सरसमानके तस्करी होरहल जेसे लाखो रुपया राजश्व उठे नसकल हए । तस्कर सवसे असई महिन्द्र यादव अपने लाखो रुपया उठा रहल समाचार श्रोतके कहनाम रहल हए । ए सम्बन्धमा असई महिन्द्र यादवसे सम्पर्क कएला पर सम्पर्कमे आवे नसकल हए । 

Saturday, June 13, 2015

सदरमुकाम गौर मे रहल होटेल सब मे अनुगमन , बहुतेक होटेल मे अखाध्य समान के प्रयोग हो रहल भेल खुलासा

चंचल कुमार झा 
रौतहट l जेठ २९ l रौतहट जिल्ला के सदरमुकाम गौर मे संचालन मे रहल बहुतेक होटेल सब मे अखाध्य समान के प्रयोग भेल खुलासा भेल हए l आई भेल बजार मे रहल सभे होटेल के अनुगमन मे बहुतेक होटेल सब मे अखाध्य समान के प्रयोग हो रहल पाएल गेल हए l विशेष तौर पर संचालन मे रहल होटेल सब मे आदमी सब के हानी नुकासन पहुंचाबे बाला हानिकारक रंग के प्रयोग हो रहल पाएल गेल हए l अखाध्य समान लिखल गेल डिब्बा से रंग के प्रयोग हो रहल पाएल गेल हए l एहिना होटेल सब मे साफ सफाई के कमि ,संरल समान के प्रयोग ,भंसा घर दुर्गन्धित , होटेल मे काम करेवाला सब के सरसफाई समेत के कमजोरी सब पाएल गेल हए l बजार अनुगमन के क्रम मे गौर नगर पालिका के उत्तम भट्टराई ,जिल्ला प्रशासन के राम नरेश साह समेत के लोग के सहभागिता रहल रहे l

Saturday, June 6, 2015

नेपालमे बज्जिका पत्रकारिता :- अवस्था आ चुनौती

सञ्जय साह ‘मित्र’
विषय प्रवेश
नेपालके प्रमुख भाषामे एक बज्जिका अपनेआपमे प्राचीन भाषा रहल हए । लिच्छविलोगके अप्पन भाषाके रुपमे ऐतिहासिक रुपमे देखलगेल बज्जिकाके जर वैशालीसे सुरु होइअ आ लिच्छविलोगके साथे राजधानी काठमान्डु भी पहुँचल विश्वास हए । नेपालके बज्जिकाभाषी भौगोलिक क्षेत्रके भारतीय बज्जिकाभाषी क्षेत्रसे सिमान जुटल होएलासे बज्जिकाभाषी विशाल क्षेत्रके एगो अंगके रुपमे नेपालीय बज्जिका रहल हए । नेपालमे बीस लाखसे सत्ताइस लाखके बीचमे बज्जिकाभाषी रहल अनुमान कएलगेल हए । तथ्यांकके दृष्टिसे नेपालमे बोलेजाएबाला एक सय तेइस भाषाभाषीमध्ये सातमा लमहर मातृभाषा आ दुसरका भाषाके रुपमे छठा लमहर भाषाके रुपमे देखलगेल बज्जिकाके परोसी भाषा सबके तुलनामे साहित्यरचना आ पत्रकारिताके क्षेत्रमे बहुत कम काम भेल हए । दोसरा भाषाके तुलनामे भाषिक चेतना बहुत ढिला अएलाके साथे अन्य विविध कारणसे बज्जिका पत्रकारिता तुलनात्मकरुपसे बहुत पछाडि रहल हए ।  वर्तमान परिवेशमे पत्रकारिताके तीनगो क्षेत्र छापा पत्रकारिता, रेडियो पत्रकारिता आ अनलाइन पत्रकारितामध्ये इहाँपर नेपालीय बज्जिकाके छापा पत्रकारिता विषयपर सामान्य चर्चा कएलगेल हए ।
मुख्य विषयवस्तु
नेपालीय बज्जिकाके सुरुआत हस्तलिखित पत्रिकासे भेल हए सम्वत् २०४२ मे । सर्लाहीके बलरा गाविस ई ऐतिहासिक पवित्र कार्यके सुरुआत कएले   हए । सम्भवतः विश्व बज्जिकाके प्रथम पत्रकारिताके पग सम्पादक किशोर उर्फ चन्द्रकिशोर झाद्वारा ही बढावलगेल रहे बलरामे गठित ग्राम उत्थान परिषद्के माध्यमसे । ग्राम उत्थान परिषद् एगो सामाजिक संस्था रहे जे तत्कालीन पंचायती व्यवस्थामे सामाजिक सचेतनाके क्षेत्रमे काम करे । क्याम्पस पढेÞबाला युवकलोगके सक्रियता आ सहभागिता रहल ओ जुगमे विविध विषय आ विविध भाषाके समिटके परिषद् ग्राम नाओके हस्तलिखित पत्रिका निकाले । आठ पानाके अर्धवार्षिक ई पत्रिका विजया अंक दशैंके समयमे आ वसन्त अंक सरस्वती पूजाके समयमे निकले त्रिवेणी भाषामे । त्रिवेणी कहेके मतलब स्थानीय बज्जिका, हिन्दी आ नेपाली भाषामे । ओ समयके याद करइत वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रकिशोरजी कहइछथिन् “ गंगासागर सिंह, लालबाबु सिंह आ अपने स्वयं पहिलेसे ही पत्रिकाके तयारी करेमे लागजाई, जब पत्रिका तयार होजाए तब स्टिच कऽके आसपासके चार–पाँच गाँओके प्रतिष्ठित व्यक्तिके हाथमे पहुँचाई ।”
पत्रिकापर बहुत लोगके आकर्षण रहे । ओ समयमे  गोरखापत्रमात्रे प्रकाशित होखे, उहो समयपर लोगके हाथमे नमिले । अप्पन विषयवस्तु आ अप्पन भाषा होएलासे जनमानसमे पत्रिकाप्रतिके आकर्षण अपनेआपमे विशेष रहे । महिला सबके रचना भी समावेश होए ग्राममे । २०४२ से २०४५ तक पाँच अंक प्रकाशित ग्रामसे आरम्भित इतिहासके सोनाके अक्षरसे लिखाएके चाहिँ ।
ग्रामके बहुभाषिकतामे बज्जिकाके पहिल रंगके बादमे करिब एक दशक बज्जिका पत्रकारिता पुरे अन्हारमे रहल । एहीबीचमे बज्जिकाके पहचान आ अपनत्वके अनुभूतिके विस्तार भी भेल । २०५५ सालमे शीतल गिरीके अगुवाइमे रमेश समर्थन आ सुशील कुमार झाके सम्पादनमे रौतहटरश्मि साहित्यिक त्रैमासिकके प्रकाशन भेल । ई पत्रिका भी बहुभाषिक रहे । मूलरुपसे नेपाली भाषाके प्राथमिकता देबेबाला रौतहटरश्मि बज्जिकारश्मिके काम भी कएलक । बज्जिका भाषाके बज्जिका भाषामे आ बज्जिका भाषापर लेख प्रकाशनके साथे बज्जिकाके विभिन्न विधाके रचना प्रकाशन करेके काम ई पत्रिका खूब कएलक । एक हिसाबसे बज्जिकाके रचनाकारके जन्मावेके काम भी खूब कएलक रौतहटरश्मि । एतने न खोजखोजके रचना छापेके, गोष्ठी कराके नयाँ प्रतिभाके उत्पादन आ प्रोत्साहन करेके साथे रचनाके समीक्षा भी कऽके रचनाकारके आत्मबलके विकास कराबेके काममे ई पत्रिकाके बहुत लमहर योगदान हए । बज्जिका भाषाउपर बज्जिकामे लिखल लेखके प्रमुख स्थान देबेके साथे रचनाकारके प्रोत्साहन करेके काम भी कएले इतिहास हए रौतहटरश्मिके । पहिल पुरस्कारसे ई रचनाकार २०५७ सालमे सम्मानित भेल फिलिमके पर्दापरजइसन आजो ऊ दिन हमरा आँखके अगाडि हए । रौतहटरश्मिके प्रमुख सम्पादकके नोकरी सरुवा होएलाके बाद ई पत्रिका सुस्त होगेल । विशेष अंकसब भी निकालते आएल रौतहटरश्मिके २०६१  तक १२गो अंक प्रकाशित भेल रहे । बज्जिका भाषाप्रति जनचेतना बढाबेमे ई पत्रिकाके बहुत अत्यन्त महत्त्वपूर्ण योगदान रहल हए ।
रौतहटरश्मिके प्रकाशन बन्द होएलापर शंकर गुदर उच्च माध्यमिक विद्यालय समनपुरके प्राचार्य शिवचन्द्र शाहके संरक्षकत्व आ रमेशमोहन अधिकारीके सम्पादनमे प्रकाशनारम्भ भेल समनपुष्प त्रैमासिकके । समनपुष्प भी साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिकाके रुपमे आएल । प्रकाशनके पहिल अंकसे ही एई पत्रिकामे बज्जिकाके रचना पर्याप्त जगह हापे । सम्पादक रमेशमोहन अधिकारीके बज्जिकापरके विशेष अनुराग आ पत्रिकाके संरक्षक शिवचन्द्र प्रसाद शाहके बज्जिका भाषाके प्रतिके त्याग आ समर्पणके बहुत सुन्दर फलके रुपमे पत्रिका ऐतिहासिक उपलब्धिके ओर बढइत रहे । मगर सम्पादक अधिकारीके नोकरीके जिलान्तर सरुआ होएलाके पत्रिकाके उत्साह सोझे मुर्झागेल । पत्रिकाके बन्द करेके बात केनहुसे त नआएल मगर प्रकाशन स्थगित भेलसे भेलही रहगेल आजतक । २०६१ से २०६४ तक समनपुष्पके ११ साहित्यिक पुष्पोपहार पाठकके हाथके सुगन्धित कएलक । विशुद्ध साहित्यिक पत्रिका होएलासे कुछे दिनमे ई पत्रिकाके अप्पन पाठक बनल आ एकर प्रतीक्षा एई ढङसे होएलागलकि पाठकके छटपटी होए पत्रिकाके दूचार दिन लेट होखे प्रकाशनमे त । एई पत्रिकाके प्रकाशनमे सोनापर सोहागा बनाबेके लेल गरुडाके बेपारी एवं समाजसेवी धर्मनाथ प्रसाद जयसवालद्वारा एगार हजार एक सय एगार रोपइआके अक्षयकोषके स्थापना कऽके तुलसी साहित्य पुरस्कारके स्थापना भी भेल । एक बरिसमे सबसे निमन कविताके रचनाकारके एक हजार एक रोपइआके पुरस्कारके साथे सम्मानपत्रके भी घोषणा कएलगेल रहे । मगर पत्रिकाके प्रकाशन बन्द होएलासे अइसन अवसरके प्राप्ति पाठकगणके नहोएसकनाइ एगो दुखद पक्ष रहल बज्जिका पत्रकारिताके क्षेत्रमे ।
२०६४मे पहिल अंक प्रकाशन भेल बज्जिकार्पणके । सञ्जय साह मित्र प्रधान सम्पादक र बज्जिकार्पणमे शेख चाँद अलि आ मौजेलाल साह सम्पादकके  रुपमे रहलन् । पत्रिकाके प्रकाशनके काम नेपाल बज्जिका परिषद कएले रहे । वास्तवमे नेपाल बज्जिका परिषद अब इतिहास होगेल हए जेकर अध्यक्ष रहे शेख चाँद अलि । पत्रिकाके प्रकाशन पूर्णरुपसे बज्जिका भाषामे भेल । बज्जिका पत्रकारिताके दृष्टिसे देखलापर बज्जिका भाषामे मात्र प्रकाशित होएबाला पहिल पत्रिकाके रुपमे देखलजाइअ । भाषा आ साहित्यमे समर्पित एई पत्रिकाके स्वरुप पुस्तिका साइजमे हए । पत्रिकाके व्यवस्थापनमे परिवर्तन होइत धीरेधीरे बज्जिकार्पण ११ अंक प्रकाशन भेल हए २०७१के वर्तमान समयतक । बज्जिकार्पणके प्रकाशनके समयसे अभीतक एक साल एकोगो अंक प्रकाशन नभेल हए न त हर साल कमसे कम एगो अंक प्रकाशन होइत धुकरचुवा हिसाबसे चलरहल हए । पत्रिकामे सम्पूर्ण लगानी आ व्यवस्थापन अकेले सञ्जय साह मित्रके द्वारा होरहल हए । ओइसे त जिला प्रशासन कार्यालय रौतहटमे भी बज्जिकार्पण दर्ता भेल हए । अभीतक भाषा आ साहित्यके सेवामे समर्पित एकमात्र पत्रिका रहल बज्जिकार्पण साहित्यिक त्रैमासिकमे एक सालमे प्रकाशित सम्पूर्ण कवितामे उत्कृष्ट एक जनेके तुलसी साहित्य पुरस्कारसे सम्मानित कएलजाइअ । धर्मनाथ जयसवालद्वारा समनपुष्प पत्रिकाके लेल स्थापित पुरस्कारके ही समनपुष्पके स्थगनके बाद बज्जिकार्पणमे लेआवलगेल रहे । पहिले एक हजार एक रोपइआके रहल तुलसी साहित्य पुरस्कारके रकम २०७१ सालसे बढाबेके घोषणा भेल हए । २०७१सालसे प्रकाशित बज्जिकार्पणमे उत्कृष्ट कविताके रचनाकारके पाँच हजार एक सय रोपइआके पुरस्कार देबेके घोषणा कएलगेल हए । भाषा आ साहित्यमे समर्पित बज्जिकार्पण साहित्यिक पत्रकारिताके इतिहासमे एगो महत्त्वपूर्ण उपलब्धि रहल हए ।
सामान्य पत्रकारिताके दृष्टिसे रौतहटमे बज्जिका पत्रकारिताके औपचारिक सुरुआत २०६५से भेल हए शीतलपुर साप्ताहिकसे । शीतलपुर गाविस रौतहटके शिक्षक जयप्रकाश यादवद्वारा जिला प्रशासन कार्यालय रौतहटमे अपने सम्पादकत्व आ ग्रामीण शिक्षा विकास नेपाल नाओके संस्थाके प्रकाशकत्वमे दर्ता कराके प्रकाशन सुरु कएलगेल शीतलपुर साप्ताहिक एगो सुदुर गाँओके नाओपर स्थापित पत्रिका हए । समाचारमूलक शीतलपुर साप्ताहिक अखबारके इतिहासमे पहिल कदम रहल ई साप्ताहिक । नियमित अनियमित रुपसे प्रकाशनरत शीतलपुर साप्ताहिक धुकरचुवा हिसाबसे अभी भी प्रकाशन होरहल   हए । पत्रिकाके प्रकाशनमे कुछ समस्या होरहल सम्पादक यादवके कहनाम हए । मगर पत्रिका प्रकाशनके लेल अभी भी उत्साहमे कौनो कमी नआएल कहके सम्पादक यादवके कहनाम भी अपनेआपमे एगो प्रेरणा देबेबाला बात हए ।
बज्जिका पत्रकारितके क्षेत्रमे एगो आउर युवाके प्रवेश बहुत सुखद रहल । दिनेश यादव संगमके नाओके युवक बज्जिकाके औपचारिक पत्रकारिताके लेल समर्पित युवक हए । २०६६ सालमे बज्जिकावाणी दर्ता भेल जिला प्रशासन कार्यालय रौतहटमे । बज्जिकावाणीके सम्पादक छथिन् विजय कुमार कर्ण आ प्रकाशक दिनेश यादव संगम । दर्ता होइतेमे आसिनसे प्रकाशन होरहल बज्जिकावाणीके प्रकाशनमे भी कुछ समस्या रहल हए मगर पछिलका दू सालसे नियमित प्रकाशन होरहनाइ एगो लमहर उपलब्धिके बात हई । अनेक किसिमके समस्याके दरकिनार करइत बज्जिकावाणी अपना लक्ष्यके ओर अगाडि बढ़ते जारहल हए । दोसराके इन्टरनेटसे सोझे कपी कऽके अपना पत्रिकामे रखदेबेके जइसन पेस्टकारिताके जुगमे सम्पूर्ण समाचार आ लेख रचना अपने टाइप कऽके पत्रिकामे प्रकाशन करनाइ अपनेआपमे एकओर चुनौती हई त दोसरओर एगो गर्वके बात भी । केनहुके बिना कौनो सहयोग आ साथसे अपने दमपर पत्रिका निकाल रहल बज्जिकावाणीके प्रकाशक दिनेश यादव संगमके जोशके मानेके परी ।
बज्जिका पत्रकारिताके नयाँ कदमके रुपमे महिलाके जुटनाइ भी हए । अल्पना कुमारी नाओके महिलाके नाओपर जिला प्रशासन कार्यालय रौतहटमे दर्ता भेल हए एगो मासिक पत्रिका । २०७० मे दर्ता भेल हमनीके आवाज मासिक नाओके पत्रिकाके सम्पूर्ण कार्य करेवाला महिलाके रुपमे देखलगेल अल्पना कुमारी । हमनीके आवाज मासिकके जम्माजम्मी दुगो अंक प्रकाशन भेल आ ओकराबाद पत्रिकाके प्रकाशन स्थगन भेल । पत्रिकाके प्रकाशन स्थगनसे भी लमहर उपलब्धि बज्जिका पत्रकारितामे महिलाके प्रत्यक्ष उपस्थिति हए । एहु भाषाके पत्रकारिताके क्षेत्रमे महिलाके औपचारिक प्रवेश भेल हए आ ई कदमके आरम्भ करेमे भी बज्जिकावाणीमे समर्पित युवक दिनेश यादव संगमके बहुत लमहर योगदान हए ।
जिलामे दर्ता भेल बहुते पत्रिका भी बज्जिकाके स्थान देइअ । नेपाली आ बज्जिका दुनु भाषामे प्रकाशनके अनुमति प्राप्त पत्रिका सबके संख्या करिब आधा दर्जनसे बेसी होएलापर भी बज्जिकाके नियमित स्थान देबेवाला पत्रिकामे गरुडासे रेणु गुप्ताके प्रकाशन÷सम्पादनमे निकलेवाला मध्यरौतहट साप्ताहिक ही रहल हए । ई पत्रिकामे साहित्यके स्तम्भ भी रहल हए आ साथे बज्जिकामे पर्याप्त लेखरचनाके साथे समाचार भी नियमित रुपसे प्रकाशन होरहल हए । बज्जिका पत्रकारिताके इतिहासमे इहो पत्रिकाके योगदानके भी उलेख होनाइ महत्त्वपूर्ण बात हए । मोकाचानस बज्जिकाके स्थान देबेवाला पत्रिकामे क्रान्तिद्वार दैनिक, राजदेवी दैनिक, मधेस मिहिर साप्ताहिक, तराई एक्सप्रेस साप्ताहिक लगायतके रहल हए ।
बज्जिका पत्रकारिताके चुनौती
मोफसलसे प्रकाशित होएबाला सामान्यतया सभी पत्रिकाके जे समस्या हए ओकरा बावजुद बज्जिका पत्रकारिताके थप चुनौती भी रहल हए । बज्जिका भाषाके पत्रिकाके पाठक नमिलनाइ, विज्ञापनके उपलब्धता नहोनाइ जइसन समस्या त हइतहिए हए उपरसे थप समस्या हए लेखरचना आ समाचारके । नेपाली भाषाके पत्रकारितामे पेस्टकारिता करेके अवसर बज्जिका पत्रकारितामे नहोएलासे सभी समाचार आ लेख अपनासे टाइप करेके होएलापर लोगके ओतना मन नकरले । नेपाली आ हिन्दी भाषा टाइप करेबाला आ निमनसे पत्रकारितामे दख्खल राखेबाला लोग भी बज्जिकामे दू लाइन लिखेके कतराइअ आ ई बात कहइअ कि हमरा बज्जिकामे लिखही नआबले । केतना पत्रकारबन्धु त इहो कहइअ कि बज्जिका भाषाके पत्रिकाके पढेमे भी समस्या होइअ । बोलेमे आसान लेकिन लिखेमे समस्या होएलासे गैरपत्रकार लोगसे पत्रिकाके खोराक नमिलनाइ भी एगो गम्भीर चुनौती रहल पत्रकारलोगके कहनाम हए । ई सबसे अइसन बात प्रष्ट होइता कि बज्जिकापर समर्पित पत्रकारिताके अभी भी कमी खटकइअ । अपना मातृभाषाके अधिकारके चर्चा करेबाला आ मातृभाषाके विभिन्न संस्थाके सफलतापूर्वक सञ्चालन करेवाला विद्वानलोगके कलम भी नचलेके अवस्था रहलासे बज्जिका पत्रकारिताके अवस्था दयनीय रहल भी संचारकर्मीलोगके कहनाम हए । अइसही पत्रिकाके माध्यमसे कौनो पारिश्रमिक लेखकलोगके उपलब्ध कराबेके अवस्था नरहलासे भी लेखनकार्य पूरे अनुत्पादक बनल आ लिखेके ओर लोगके आकर्षण नहोरहल देखलगेल सञ्चारकर्मीलोगके कहनाम हए ।
सयके लाठी आ एकके बोझा कहनाम जइसन अलगेअलगे रहके बेसी पत्रिका निकालेसे अच्छा हए कि सभी पक्ष एक होके एगो अइसन पत्रिकाके सुरुआत कएलजाए जेमे सभीके ओतने योगदान होखे । जेसे सभीके नाओ ओतने फैलके समग्रमे बज्जिकाके विकास भेल सन्देश जाए पाठकमे आ इतिहासमे बहुत काम भेल जानकारी अपनेआपमे होसके पत्रिकाके इतिहास । 

लोककथा

इमानदार चोर

आशुतोष साह

            एगो गाँओमे दुगो चोर रहे । एगोटेके नाओ रहे मोसाफिर आ दोसराके नाओ रहे रमुआ । दुनुजने सङ्हतिया रहे । दुनु साथीके गुजर गुजरान चोरिएसे चलइत रहे । दुनुके घर एकेगो गाँओमे त रहे मगर गाँओके दुनु कातमे । दुनुके दिनभर ओतना भेंट नहोखे लेकिन रातमे जरुर भेंट होजाए । दुनु साथी मिलके केकरो घरमे जाके चोरी करे आ आधाआधा बाँटके लेजाए ।
 रमुआ बहुत इमानदार रहे लेकिन मोसाफिर रहे बैमान । रमुआ अपना गाँओमे चोरी करे नचाहे लेकिन मोसाफिर अपना परोसियोके घरमे सेन फोरदेबे । रमुआके असुल रहेकि गाँओके चोरीमे ऊ नजाए आ कुछो लेबो नकरे । रमुआके इमन्दारीसे मोसाफिर कभीकाल असमञ्जसमे परजाए ।
मोसाफिरके बैमानी भी कभीकाल रमुआके परसानीमे डालदेबे । लेकिन तइओ रमुआ अपना इमानके सिमान कहियो भी नबटे । जेतना चोरी करे ओमे इमन्दारीपूर्वक आधा मोसाफिरके देबे मगर मोसाफिरके जहिया बेसी हाथ लागे त ऊ पएँडेपर फेंकइत आबे आ बाँकी सामानमे आधाआधा बाँटके लेलेबे । जब बिहान होखे त अकेले जाके रतुका फेंकलका सामान उठाके लेआबे आ अकेले धलेबे । अइसन बैमानीसे रमुआके बेसी घाटा लागजाए । केतनो बैमानी करे तइओ मोसिफिरके पुरी नपरे । रमुआके इमानदारीसे ओकर बर्कत होइरहे ।
एक दिन एगो गाँओमे चोरी करेगेल दुनुजने । जेकरा घरमे चोरी करे पइँसल, ऊ बहुत धनिक रहे । रातमे चोरी कएलापर दुनुजनेके बहुत धन हाथलागल । बहुते सोना–चानी बहुते हाथ लागल दुनुजनेके । चोराके अएलक सरेहमे । रमुआ त इमन्दार रहे मगर मोसाफिर अपना बैमानी करेसे ओहु दिन नचुकल । कुछ त बैमानी करबे कएलक मगर दुनुजनेके चोराएल धनसम्पत्ति एकलमन जमा भेल त मोसाफिर कहे जे हम बेसी चोरइली ह त रमुआ कहे हम बेसी चोरइली ह । के बेसी चोरएलक एई विषयक झगडा नरहे, झगडा रहे कि हम बेसी चोरइली ह कहके मोसाफिर बेसी गहना लेबे  चाहे । रमुआ भी बहुते धन देखले रहे, ओसे मनेमने कहेकि अब आधा मिलजाइ त चोरी छोरदेहम । केतनो समझएलापर मोसाफिर आधा देबेला मानबे नकरे । हारदारके रमुआ कहइता – आधा हमरा नदेबे त हम जाके बिहान कहदेबऊ घरबालाके कि तू चोरएले छे ।
मोसाफिर त आउरो धूर्त रहे । ऊ कहइता – ठीक हऊ, तू कहेके मनहोतऊ त कहदिहे बिहान । आजु हम तोहरा कमे देबऊ । तू कहदेबे त हम पकड़ाजाएम लेकिन जब हम पकडाएम त तोहरो पकडादेबऊ । जब दुनुजने चोरी कइली त दुनुजने जेल काटम ।
मोसाफिरके बात सुनके रमुआ भी सोचलक कि चल आजु जे देइता ओहीमे गुन्जाइस करेके परी । मोसाफिर अपनेसे बखरा लगएलक, अपने बाँटलक । जे देलक सेही लेलक रमुआ आ घरे चलअएलक । रमुआके निन नपरल । सबेरे उठलक । मोसाफिर जे देलेरहे रातमे से अङोछाके खुँटमे बन्हलक आ चलदेल ओही गाँओमे । जब ओ महाजनके दुरापर पुगइता तब बहुते लोग जमा रहे । सभीके मुहपर रातुके चोरीके ही बात रहे । ओहीलमन पुगके रमुआ अङोछाके गेठरी खोलके कहइता – रतुका चोर हमही छी । दूजने मिलके चोरी कइली । हमरा जे मिललसे इहे हए, हमरे गाँओके मोसाफिर हमरा लेआएल रहे । हमरा हिसामे जेतना परल हए ओतना हम इमन्दारीसे लेआके महाजनके लौटादेली । हमरा जे सजाय देबेके हएसे देबस ।
सभी लोग कहलक कि ई इमन्दार चोर हई । एकरा माफ करदेलजाओ । मोसाफिरके पकडेला पुलिस गेल । पकडाके ऊ जेलमे चलगेल । लोगके कहलापर रमुआके चोराएल धनमेसे महाजन कुछ रमुआके देदेलक । रमुआके चलते महाजनके बहुते धन फिर्ता होगेल । महाजन खुस रहे । रमुआ कुछ दिनके बाद साधु होगेल ।

Monday, May 18, 2015

साक्षरता अभियानमे वाटवारा

दिनेश संगम/रौतहट 
                  रौतहट जिल्लाके पुर्ण साक्षर बनावेके उद्देश्यसे संचालनमे रहल  साक्षरता अभियानके जिल्ला शिक्षा कायालय रौतहट बाटवारा कएले समाचार प्राप्त भेल हए । जिल्लामे संचालित अनौपचारिक शिक्षा कार्यक्रममे पढावेवाला शिक्षाके कोटा वाटवारा कएले हि रहल विरोध होइते रहल समय फिरसे निरीक्षण करेवाला  निरीक्षकके नियूक्ति कोटामे जिल्ला शिक्षा कार्यालय मनोमानी तरिकारसे कएले आरोप लागएले हए । नेपाल सरकार तोकले मापदण्ड पुरा ही नकरके जिशिका जथाभावी ढंगसे कमिसनके लोगम कोटा बाँटवारा कएले देखल गेल हए । 
राष्ट्रीय साक्षरता अभियान अन्र्तगत संचालित साक्षरता कार्यक्रमके निरीक्षण करेकेले जिल्ला शिक्षा कार्यालय अलगएले  निरीक्षक कोटामे शिक्षा मन्त्रालय तोकले मापदण्द विपरित काम कएले हए । निरीक्षक नियूक्ति कएला पर  दक्ष आ अनुभवी निरीक्षक राखेके प्रावधान रहल पर भी कार्यालय आपना ढंगसे कमिसनके लोभमे परके बाँटफाँट करके साक्षरता अभियानके कागजमे हि सिमित राखकेके योजना रहल देखल गेल हए । अभियान संचालनके लेल सुरुमे संस्था चयनमे भी जिशिका अनियमितता कएले आरोप लागईत आरहलापर भी निरीक्षक नियूक्तिमे भी अपने खुशी कएले हए । 
जिल्ला शिक्षा कार्यालय ५ सय ९४ गो निरिक्षक कोटामे ७३ गो गाविसके एक एक विद्यालयसे ३ जने करके २ सय १९ जने, ७३ गो गाविसमे २ जने प्रहरी करके  १ सय ४६ जने, २७ गो गैर सरकारी संस्थासे ३ जने करके  ८१ जने, निजामती कर्मचारी ५० जने आ पत्रकार महासंघमे ५० जनेके कोटा बाँडल गेल हए ।  
एने पत्रकार महासंघ शाखा रौतहट अपना भागमे आएल कोटा, कोटा बाँडफाँडमे जिल्ला  शिक्षा कार्यालय मनोमानी कएले कहईत आ  जिल्ला शिक्षा कार्यालयके अईसन चरित्रके कारण रौतहटमे ई अभियान असफल होएके देखल गेलासे कोटा फिर्ता कएले महासंघके अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता बतएलन  । जिशिका पत्रकारसवके निरीक्षकके रुपमे साक्षी राखके अपना मनपरि करेके खोजले अध्यक्ष गुप्ता आरोप समेत लगएलन ।   
ओइसही सर्वसाधारणके सुरक्षा देवेकेले राखले गेल प्रहरीके कार्यक्रममे निरीक्षकके रुपमे नियूक्ति करके नमिलेके भेलापर भी  जिल्ला शिक्षा कार्यालय नियूक्तिके कोटा अलगावल गेल हए । साथे ऐके समयमे निजामती कर्मचारी दू जगहमे काम करेके नमिलेके भेलापर भी निजामती कर्मचारीके लेल ५० गो कोटा अलगावल गेल हए । 
साक्षरता अभियान अन्र्तगत वितल वरिस रौतहटके राजपुर फरहदवा, औरैया, धरहरी लगाएत १२ गो गाविसमे कार्याक्रम संचालन कएल गेल रहे । लेकिन उ कार्यक्रम कागजमे ही सिमीत रहल देखल गेल हए । साक्षर घोषणा कर चुकल गाविससवमे अभिभि निरक्षकसव रहल देखल गेल हए । 
ई वर्ष जिल्लाके ७३ गो गाविसमे साक्षरता कार्यक्रम संचालन कएल गेल हए त कार्यालयके निरीक्षण करेकेलेल पाँच साय ९४ जने निरिक्षक नियूक्ती कएल गेल जिल्ला शिक्षा कार्यालय जनएले हए । 
ई सम्बन्धमे कार्यालयमे श्रोत व्यक्ति नन्दकिशोर गुप्ता जिल्ला शिक्षा कार्यलय कओनो मनोमानी नकएले आ सव नियुक्ती कोटासव नियम कानुनके आधारमे कएले हए बताएलन ।

Thursday, May 14, 2015

मारपिटमे रौतहटमे एकगोटेके मृत्यु

रौतहट, बईशाख ३१। जमिनके विवादमे परके रौतहटमे विफेके दिन एक गोटेके जान गेल हए । रौतहटके सरमुजवा वडा नं. ५ के बद्रि बैठा आ क्रित किसोर बैठा, बृज किसोर बैठा, लक्ष्मण बैठा, दशै बैठा बीच जग्गाके सिमानके बिषयमे भेल बिबादके वाद भेल मार पिटमे बद्रि बैठाके हत्या भेल सामाचार प्राप्त भेल हए ।  
                 उनकर हत्या भेलावाद भारत ओर भाग रहल क्रित बैठा, बृज किसोर बैठा आ दशै बैठा लाई प्रहरी नेपाल भारत सिमानके नजदिकसे पक्राउ कएले हए ।  जिल्ला प्रहरी कार्यालय रौतहटके एसपी सानुबाबु थपलियाके अनुसार मारपिटमे मृत्यु भेल जानकारी मिलते पीडक के पक्राउ करेमे सफल भेल रहे । घटनाके अनुसन्धान होरहल एसपी थपलीया बतएलन ।  

Thursday, May 7, 2015

सखुवाके लकडी सहित एगो ट्रक पक्राएल

रौतहट /वैशाख २३ ।  रौतहटके राष्ट्रिय वन क्षेत्रसे काच सखुवाके लकडीसे भरल एगो ट्रकके बुधके आधा रातमे प्रहरी अपना नियन्त्रणमे लेले समाचार प्राप्त भेल हए ।
ना.१ख. ३९६९ नम्वरके ट्रकमे लादके लेजाईत अवस्थामे इलाका प्रहरी कार्यालय चन्द्रपुरसे नियमित गस्तीमे रहल प्रहरी टोली रात १२ बजेके समयमे नियन्त्रणमे लेल हए ।
              इलाक प्रहरी कार्यालय चन्द्रपुरके प्रहरी नायव उपरिक्षक नेत्रमणी गिरी नियमित गस्तीमे रहल प्रहरी टोली नहर चोकमे पुगलावाद अलगेसे पुलीसके देखते ट्रकके ड्राइवर आ काठ तस्कर भागेमे सफल भेला पर भी सखुवाके लकडी आ जरनासे भर  ट्रक नियन्त्रणमे लेले उनकर दावी रहल हए । नियन्त्रणमे लेले काठ सहितके ट्रक आवश्यक अनुसन्धान करके कारवाही करेके लेल  जिल्ला वन कार्यालय रौतहटके जिम्मा लगएले  डिएसपी गिरी  जानकारी करएले हए ।

जबर्दस्ती करनी मुद्धा के आरोपी के ५९ वर्ष के कैद सजाय

चंचल कुमार झा /रौतहट l
रौतहट जिल्ला अदालत जबर्दस्ती करनी मुद्धा के इगो आरोपी के ५९ वर्ष कैद के सजाय सुनएले हए l 
जबर्दस्ती करनी तथा अप्राकृतिक मैथुन मुद्धा के अभियुक्त रौतहट जिल्ला के चन्द्रनिगाहपुर वार्ड न . ०४ निवासी ५१ वर्षीय भक्त बहादुर राई के जिल्ला अदालत के न्याधिश हरिश्चन्द्र डुंगाना के एकल इजलास येहन फैसला सुनएले हए l जबर्दस्ती करनी के ऐन १,९ के कसुर मे उहे ऐन के दफा ३९१० आ ९९ (क ) नम्बर अनुसार अप-राध के गम्भीरता से लेईत करनी कएले बापत ११ वर्ष आ अप्राकृतिक मैथुन कसुर मे थप १ वर्ष के कैद आ १० नम्बर अनुसार नगद १० हजार पिडित के क्षतिपूर्ति देबेके फैसला भेल ईजलास सहायक नायब सुब्बा रामनिवाश यादव बतएले छत् l संकेत नाम ५९७०,५९११०,५९९० के जाहेरी बादी नेपाल सरकार भेल ४ गो मुद्धा के प्रतिवादी रहल भक्त बहादुर राई के १२ वर्ष के दर से ४८ वत्श तथा १ गो मे मुद्धा मे ११ वर्ष कके ५९ वर्ष आ नगद १० हजार के दर से ५० हजार देबेके फैसला मे उलेख रहल हए l स्मरणीय हए अभियुक्त भक्त बहादुर राई पुष १३ गते के दिन अपने गाँव के १३ वर्ष तक के ५ गो नाबालिक लड्की सबके जबर्दस्ती करनी कएले रहे l

Saturday, April 25, 2015

क्षतिके विवरण संकलनके लेल टोली गठन

रौतहट÷ वितल मंगलवार साँझमे आन्हीपानीके साथे बरसल पथलसे भेल क्षतिके विवरण संकलन करेला जिल्ला प्रशासन कार्यालय रौतहट तीन सदस्यीय टोलीके गठन कएले हए । जिल्ला प्राविधिक कार्यालय रौतहटके इन्जिनियर राम नरेश यादवके संयोजकत्वके तीन सदस्यीय टोलीमे नेपाल रेडक्रस सोसाइटी रौतहटके रामबाबु साह आ जिल्ला कृषि प्राविधिक कार्यालयके प्राविधिक शिवदयाल यादव रहल निमित्त प्रमुख जिल्ला अधिकारी राजाराम सुवेदी जानकारी करएले छत । पथलसे भेल क्षतिके विषयमे स्थलगत निरीक्षण कके टोली क्षतिके विवरण जिला प्रशासन कार्यालयके बुझाबे निमित्त प्रजिअ सुवेदी जानकारी करएलन् ।

किसानके आन्दोलन भेल थप

रौतहट÷ उखके मूल्य भुक्तानीके माग करइत आन्दोलन कररहल उखु उत्पादक संघ रौतहट गरुडास्थित श्रीराम सुगर मिल्सके सम्पूर्ण निकासी आ पैठारी बन्द करएले हए । बुधके साँझमे वीरगंजमे मिल व्यवस्थापन आ संघबीच भेल वार्ता बिना कौनो निष्कर्ष समाप्त होएलाके बाद संघ मिलके स्पिरिट लगायतके सम्पूर्ण उत्पादन पेठाबेके आ बाहरसे कुछो लेआबेपर आजुसे बन्द करएले अध्यक्ष अशोक प्रसाद यादव जानकारी करएले छत । उद्योगके मूल गेटमे पहिलहिए ताला लगएले संघ किसानके रकम भुक्तानीके लेल थप आन्दोलन करेके भी तैयार रहल अध्यक्ष यादव बतएले हए । गत वर्षके करिब २२ करोड आ एई सालके करिब एक अर्ब रुपैया बाँकी रहल अवस्थामे किसानके पैसा मागेके लेल आन्दोलनके कौनो विकल्प नरहल यादवके कहनाम हए ।

पूर्वमन्त्री साहद्वारा क्षतिपूर्ति माग

रौतहट÷ वितल बैसाख ८ गते सनिचरके दिन आन्हीके साथ परल पथलसे अमरपछि, पोठियाही, गेडहीगुठी, गरुडालगायतके क्षेत्रमे भेल क्षतिप्रति अप्पन गम्भीर ध्यानाकर्षण भेल संविधान सभा सदस्य एवं पूर्वमन्त्री प्रभु साह जानकारी करएले छत । व्यवस्थापिका संसदमे अन्तर्राष्ट्रिय सम्बन्ध तथा श्रम समितिके सभापति समेत रहल साह प्रेस विज्ञप्ति निकालके पीडितके राहतके क्षतिपूर्तिके व्यवस्था करेके माग भी कएले छत । बुधके दिन आन्हीपथलसे प्रभावित क्षेत्रके स्थलगत निरीक्षणके बाद पूर्वमन्त्री साह पीडितके समस्याके सम्बन्धित पक्षके ध्यान जाएके आग्रह भी कएले रहलन् ।

Saturday, September 20, 2014

बज्जिका अभियान जरुरी ः पूर्वसभासद यादव

सञ्जय साह मित्र
गरुडा÷बज्जिका भाषाको विकासके लेल अभियान चलानाइ जरुरी रहल पूर्वसभासद कृष्णप्रसाद यादव बतएले छथिन् । नेपाली कांग्रेस रौतहटके सभापतिसमेत रहल पूर्वसभासद यादव हर गाँओमे मातृभाषा बज्जिकाके विषयमे सजगतापूर्वक जागरण अभियान चलानाइ आवश्यक भेल बतएलन् । गोरखापत्र नयाँ नेपाल बज्जिका पृष्ठ संयोजक सञ्जय साह मित्रसे बातचित करइत यादव बज्जिका अपना क्षेत्रके सबसे पुरान भाषा रहल आ ए भाषाके सम्बन्ध अपना संस्कृतिसे जुटल होएलासे भाषाके विकासके साथे संस्कृतिके जागरणके लेल सभीके लगनाइ महत्त्वपूर्ण रहल बतएलन् । अपना मातृभाषाप्रति सचेत हरेक युवा, शिक्षित नागरिक, शिक्षक, पत्रकार, समाजसेवी–राजनीतिकर्मी लोगके अपना तरपसे होसकेवाला योगदान देबेसे पछाडि नपरेके समय आएल कहइत यादव दोसरा भाषाके तुलनामे बज्जिकाके विकास नहोनाइ अपनेआपमे दुःखद पक्ष रहल बतएलन् । पहिल संविधानसभामे मातृभाषा बज्जिकामे शपथ लेबेबाला पहिल आ एकमात्र सभासद रहल यादव बज्जिकाके विकास नहोएमे बज्जिका जागरण नहोनाइ ही प्रमुख कारण रहल बतबइत अबके समयमे इस्कुलसे लेके कलेजतक आ सभी वर्गसहित समाजके लोग मातृभाषाके सेवाके लेल आवाज उठाबेके जरुरी रहल बतएलन् । वर्तमान अवस्थामे बज्जिकाके ओर ध्यान नदेलापर मातृभाषा आउरो पछुआइते जाएके कहइत पूर्वसभासद यादव उपयुक्त समयपर उपयुक्त कदम चलनाइ बहुत महत्त्वपूर्ण रहल सलाह भी देलन् । अब बज्जिकाके विकासके लेल संगठित कदम उठाबेके प्रयास भी करनाइ आ सभीके साथ लेके चलनाइ भी बज्जिका विकासमे बहुत लमहर कदम होएके बतएलन् ।

बज्जिकामे गीत गाबेके सहनीके चाहना

सञ्जय साह मित्र
गरुडा÷नेपाली चलचित्रके गायकके रुपमे अप्पन स्थान बनारहल रौतहटके रंजित कुमार सहनीके अपना मातृभाषामे गीत गाबेके चाहना रहल हए । रौतहटके गेडहीगुठीके स्थायीबासी गायक सहनी नेपाली चलचित्र आ आधुनिक नेपाली गीतके नयाँ उदीयमान गायकके रुपमे देखल जाइता । नेपालके वरिष्ठ संगीतकार शम्भुजीत बास्कोटाके साथ भी हालहीमे गीत गाचुकल सहनीके अप्पन मातृभाषा बज्जिकामे गीत गाबेके चाहना रहल हए । गोरखापत्र नयाँ नेपालके बज्जिका पृष्ठ संयोजक संजय साह मित्रसे बातचित करइत सहनी दोसरका भाषामे गीत–संगीतके विकास होरहल देखके अपनो भाषामे भी कुछ करेके चाहना रहल बतएले छत । दर्जनसे बेसी नेपाली फिलिममे गीत गएले आ विभिन्न राष्ट्रिय गायन प्रतियोगितामे पुरस्कृत भेल सहनीके एलबम भी निकलल हए । सहनी अपना मातृभाषामे गाबेके चाहना जल्दिए पूरा होएके विश्वास भी व्यक्त कएले छत । 

बज्जिकाके विकिपिडिया भी

सञ्जय साह मित्र
गरुडा÷ विश्व ज्ञान कोषके रुपमे परिचित विकिपिडियाके विभिन्न भाषाके जइसन बज्जिकाके भी अलगे विकिपिडिया रहल हए । बज्जिकाके विकिपिडिया नेपाली, हिन्दी, अंग्रेजी आ भोजपुरी भाषामे भी उपलब्ध हए । नेपाली भाषामे रहल बज्जिकाके विकिपिडियामे सन् २००१के जनगणनाके रिपोर्ट उपलब्ध हए । नेपाली बज्जिका लेखक आ भाषाके विषयमे खासे बहुत जानकारी नहोएलापर भी बज्जिकाके लेल विकिपिडिया उपलब्ध होनाइ महत्त्वपूर्ण उपलब्धि रहल प्रतिक्रिया बज्जिकासेवी लोगके हए । अपना मातृभाषाके विकिपिडियामे पहुँच अपनेआपमे सुखद रहल लेखक नेपाल बज्जिका भाषा शिक्षक प्रतिष्ठानके अध्यक्ष सफिन्दर प्रसाद यादवके कहनाम हए । भोजपुरी भाषामे रहल बज्जिकाके विकिपिडिया लगभग खाली ही रहल हए । हिन्दी भाषामे रहल बज्जिकाके विकिपिडियामे भारतीय बज्जिकाके विविध पक्षपर जानकारी उपलब्ध रहल हए । बज्जिका भाषाके विषयमे जाने चाहेबालाके लेल हिन्दी संस्करण महत्त्वपूर्ण होसकइअ । मगर एई संस्करणमे भी जनगणनाके नयाँ तथ्यांक उपलब्ध नहए । अंग्रेजी भाषामे रहल बज्जिकाके विकिपिडियामे भी बज्जिकाके विषयमे महत्त्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध रहल हए । बज्जिकासे सम्बन्धित सभी विकिपिडियामे नेपालके सर्लाही, रौतहट आ आसपासके क्षेत्रमे बज्जिका भाषा बोलल जाइअ कहके उल्लेख रहल हए । विकिपिडिया संसारभरके लोग देखेके आ एसे बज्जिकाके प्रचारप्रसार होएके साथे बज्जिका भाषापर सकारात्मक धारणाके विकासमे सहजोग पुगेके बज्जिका भाषा विकास परिषद नेपालके केन्द्रीय उपाध्यक्ष लालबाबु साह बतएले छत ।

Friday, September 12, 2014

सय प्रतिशत प्रभावी इबोलाके दवाई

रौतहट, भादो । 
अनुसन्धा कर्ताओ सवके  कहना हए कि जानलेवेवाला इबोला वायरसके उपचारके लेल प्रायोगिक दवाई जÞीमैपके  बांनरपर सय प्रतिशत प्रभा पाएल गेल हए ।
“नेचर” पत्रिका में प्रकाशित ई अनुसन्धामे वैज्ञानिक इबोला वायरससे निपटके लेल इ ”एक बेहद अहम कÞदम” बतएले हए । खÞास बात त ई कहल गेल हए कि संक्रमीित होएके तिन चार दिन वाद भी ई दवाईके  इबोला वायरस पर असरदार पायल गेल हए । अभी तकके स्थितिके मुताबिक जÞीमैपके बड  पैमाना पर तयार न कएल जासकइत हए  और इंसान पर एक कि असर होइत हए स्पष्ट न हए । इबोला वायरससे संक्रमित  मरीजपर जब जÞीमैपके आजÞमायल जाई त  सातमे दुगो  मरीजÞ ई दवाईके बावजूद भी बच नसकल । 
सेनेगल भी पहुंचा इबोला
 जÞीमैपके ”सीक्रेट सीरम” कहल जाई काहेकी  ई अभि तक प्रायोगिक चरणमे हए । इहे विच सेनेगलमे अधिकारिसव देशमे इबोलाके पहले मामलाके पुष्टि कएले हए ।   एकरा साथही सेनेगल, पश्चिम अङ्खरीकाके पांचवा देश बन गेल हए  जहां इबोला के संक्रमणँ भेल हए । एगो अनुमानके मुताबिक पश्चिम               अङ्खरीकामे लगभग द्दण्,ण्ण्ण् लोग इबोला वायरसके चपेटामे हए । पश्चिम अङ्खरीकामे इबोला वायरसके वजहसे अब तक ज्ञछण्ण् से अधिक लोग मार जा चुकल हए  । 

इंसानी दिमागके टक्कर देवे वाला रोबोट

    रौतहट, भादो ।  अमरीकी अनुसन्धाकर्ता सव एगो अइसन रोबोट ब्रेन बनएले हए जे इन्टरनेट पर लाखो वेभ पेजके ब्राउजर बनाके नयाँ नयाँ हुनर सिखा सकइत हए । ”रोबो ब्रेन” अइसन तरह से डिजÞाइन कएल गेल हए की उ  सार्वजनिक रुपसे उपलब्ध सूचना श्रोत से कए  प्रकार के हुनर और ज्ञान के हासिल कर सकइत हए ।
दुनिया के बाकीँ हिस्सा में मौजूद और रोबोट अपने रोजमर्राके कामके लेल   रोबो ब्रेनके सूचनाके उपयोग कर सकइत हए । आइसनके एगो प्रोजेक्ट रोबोअर्थके यूरोप में पहिले ही विकसित कएल जारहल हए । बीतल जनवरी में नीदरलैंड में एक प्रयोग कएल गेल रहे ।
रोबोअर्थ के जानकारि के श्रोत प्रोग्रामिंग हए जबकि रोबो ब्रेन इंटरनेट से मिलल सूचनासव के प्रति खÞुद अपन समझ बनवइअ ।
माइक्रोवेव और छाता
रोबो ब्रेन प्रोजेक्ट पर अमरीका के चार विश्वविद्यालय (काँर्नेल, ब्राउन, स्टैनफÞोर्ड और कैलिफÞोनिर्या मिलाके काम कर रहल हए । एमे गूगल और माइक्रोसाङ्खट जइसन कंपनिसव भी सहयोग कर रहल हए ।
अनुसन्धानकर्तासव के कहनाम  हए कि पिछला महीना कÞरीब एक अरब फोटो, एक लाख द्दण् हजÞार यूट्यूब वीडियो और लगभग ज्ञण्                 करोड़ उपकरण्ँों के मैनुअल के एमे खंगालेके शूरु कर देले                 हए ।
इ प्रोजेक्ट के एगो वेबसाइट में बतावल गेल हए की ई कुर्सी के पहचानु, माइक्रोवेव और छाता के प्रयोगके सम्झले हए  । अनुसन्धानकर्ता सव के कहना हए कि रोबो ब्रेन केवल वस्तुसव के ही न पहिचानले, बल्की ओमे मनुष्य के भाषा और व्यवहार जइसन जटिल चीज के समझे के भी Ôमता हए ।
ई दिमाग के पहचान सकइत हए और जान सकइत हए कि एकर प्रयोग कहे और कइसे कएल जाले ।
ई भी जानईअ की जव कओनो टिभि देखइत हए ओकरा                  रास्तामे न आवेके चाही । 
कार्नेल विश्वविद्यालय के एगो अनुसन्धानकर्ता आशुतोष सक्सेना कहलन, ”यदि कोई            रोबोट अइसन स्थिति में फसइत हए, जोनामे हवसे पर जाइअ त उ रोवोट ब्रेनसे सल्लाह                मश्वरा कर सकइत हए । 

Thursday, September 11, 2014

मधेशके अधिकारी हि हमनीके अभियान ः मल्लिक

 ललित मल्लिक सानु
मधेशके राजनितिमे मधेशीके  अधिकारकेलेल हरदम अपने जीवन समर्पीत कर चुकल एगो सचा मधेशी सपुत्र जे मधेशीके हरेक आन्दोलन, मधेशी जनताके हर मुद्दा पर डटके लडेवाला राजनितिकके पोखता मधेशके हरेक तरहके सोचवाला, युवा नेतृके सक्षम युवा जोसीला युवा विधार्थी जिवनसे ही राजनितिक करइत आएल एगो नाम हए, जे रौतहट जिल्लाके गाविस राजपुर तुलीसमे जनमले मधेश और मधेशीके लालके रुपमे रहल तराई मधेश राष्ट्रिय अभियान युवाके केन्द्र अध्यक्ष ललित मल्लिक सानु साथे बज्जिका वाणी साप्ताहीक साथे भेल समसमायी     बातचीतके कुछ हिस्सा ः–
ललीत जि अभि कि साव हो रहल  हए ?
                राजनितिक रुपसे दोसरका संविधान सभा प्रतिगमनकारी होई ई हमसव निर्वाचनसे पहिलेही आंकलन कएले रही जेकरा कारण हमरा सवके संगठन तराई मधेशी राष्ट्रिय अभियान निर्वाचनमे सहभागी नभेल और हमसव ठोस निर्णय कएले रही की मधेशी जनताके जायज मागँ संघियता, सुसासन, समान्ता, सम्मान औ न्यायके लेल संघर्ष एगो मात्र विकल्प रहल गेल हए । उ संघर्ष केलेल हमसव पुरा मधेश भर प्रशिक्षण और संगठन निमार्ण पर जोड देके एगो शसक्त और निर्णायक अधिकार मुखी संघर्षके तयारी कररहल छी । मधेशके अधिकारी हि हमनीके अभियान रहल ।
लोक्तान्त्रीक या प्रजातान्त्रीक पद्तिहए कि राजनितिक दल सवके निर्वाचनके द्वारा ही सम्पन्नता होईअ ?
देखु मधेशीके राजनितिके अवस्था बुहत भद्रगोल रहलासे निर्वाचन या अधिकार मागेसे पहिले अपने सहि निर्णय उ निर्णयमे सवके समान्न धारर्ण आवश्यक्ता रहल हए । आज सम्मान धारण नभेलासे मधेशीके राजनिति पिछा रहल हए । 
उहे उदेश्यसे कोनो भी हालतमे मधेशीके हितमे दोसरका संविधान सभा नहोसकेके आकलनसे मात्र संगठनके विस्तार करके एगो सक्षम कार्यकर्ता निमार्ण हेतु हमसव निर्वाचनमे नगेली आज पता चल गेल ही हए कि केतना कारगर हए मधेश और मधेशीके लेल । 
अपनेके अध्यक्ष जय प्रकास प्रसाद गुप्ता एगो भ्रष्टाचारी नेता भेलासे अपने छवि या अपन स्तीत्व बचावेला ई अभियान संचालन कएल आरोप रहल ?
दिनेश जी राज्य सदैव अपन विरोधी कहु या हितविपरित कार्य करेवाला हरेक व्यक्ति या संगठनके लान्छीत करके नेपालके इतिहास बहुती पुराना हए । जल्वन्त उदाहारण नेपालके प्रजातान्त्रीक नायक वि.पि कोइराला पर भी ओहन कओगो लान्छना लगावल गेल । 
भिमसेन थापासे लेके बाबुराम भट्टराई होइत जयप्रकास प्रसाद गुप्ता तक राज्यद्वारा कओनो न कओनो लान्छनासे कलंकित करइत आएल हए । लेकिन एकर ई मतलव नहए कि उ व्यक्ति संघर्ष ही छोडके चल जाई । और जेपि गुप्ता भी उ लान्छनाके अपन एगो संघर्षके चरन मानइत मधेशी जनताके विचमे छत और अपन संघर्षके अगाडी बढारहल छत ।  हुन्कर लान्छनाके सत्यता मधेशी जनता भली भाती बुझ रहल हए । तमरा अभियानके ११ महिने अवधिमे मधेशी जनताके अपार सहयोग मिल्ल जेसे ई संगठन मधेशीके शसक्त क्रान्तीकारी संगठनके रुपमे आएल हए । 
मधेशके मुद्दा एक भेलापर भी मधेशी राजनितिकदलसव फुटेके कारण कि होसकइत हए ?
देखु सांगठनीक संरचना त हए हि हए लेकिन संघर्षके क्रममे विश्वके इतिहास रहल हए कि संघर्षील संगठनमे अनवरत रुपमे फुटेके प्रक्रिया चलते आएल हए, आ भविषयमे भि एकरा  रोकेके कओनो सयन्त्र न बनल हए । रहल मधेशके सन्दर्भमे एकर छोट राजनितिक ईतिहास भेलासे मधेशीके संगठनीक अभ्यामके अभाव देखल गेल जेसे फुटेके प्रक्रिया अभितक जारी हए लेकिन जइसे जइसे संगठनीक अभ्यास और नेतृत्वके विकास होइत जाई ओइसही अपने आप निर्मूल होजाएवाला समस्या रहल हए । 
अपनेके पार्टीके मधेशके कएगो जिल्लामे संगठन विस्तार होचकल हए  ?
अभि त हमनीके पार्टी तराई मधेशी   राष्ट्रिय अभियान मधेशके १८ जिल्लामे जिल्ला कमिटि विस्तार होचुकल हए । बार्की और भी जिल्लामे विस्तार होएके क्रम जारी रहल हए । 
दोसरका संविधान सभाके मान्डेड रहल हए कि माघ ८ गेतके नेपाल नयाँ संविधान पावेवाला हए । अपनेके कईसन लागल हए, जारी हो सकइत हए की ? 
भगवान करे कि नेपाल नयाँ संविधान पाए, लेकिन हमरा न लागरहल हए कि माघ ८ गते जारी हो सकी, अगर जारी भी होइत मधेश और मधेशी जनताके हितके कदापी नहोसकी । और हमनी मधेश और मेधशीके अधिकार विनाके संविधान कदापी मानेके लेल तयार नछी । .
अभि तक अपनेके संगठन मधेशके या मधेशीके अधिकारके लेल कि की कर रहल हए ?
देखु हमसे मधेश और मधेशी के हरेक अधिकारके लेल डल  रहल छी । वितल चइतमे एस एल सी  परिक्षामे जनपुरके धवैली परिक्षा केन्द्रमे  राज्यद्वारा गोली चलाके ओदिनके समाजीक विषयके परिक्षा स्थगित   करावल गेल रहे । जेकर पुनः परिक्षा करावेला हम खुद उहाँ १३ दिन तक अनसनमे बइठके पुनः परिक्षा करएले रहली । एडिवि प्रोजेक्ट जनकपुरमे राखेके लेल धारण पर समेत बइठल   रहली ओइसही रौतहटके किसानके आन्दोलन प्रति पूर्ण सहयोग करइत आएल छी । अइसही मधेश और मधेशीके मुद्दाप्रति साथ देइत अपन संगठनके विस्तार कररहल छी ।  
रौतहटके किसान सवेके आन्दोलनमे ईहाँके राजनितिक दलसव लम्हर पइसाके खेलमे लागल सुनेमे आएल  हए ?
देखु रौतहटके ई किसानके आन्दोलन रौतहटके दु किसीमके वर्गके विचके द्वन्द्वके रुपमे चित्रीत होएलके समाजीक अवस्था हए । एगो रौतहटके करपोरेट समाज और दोसर रौतहटके आम समाज ओमे आम समाजके नेता आम समाजके ओर हए और करपोरेट समाजके नेता करपोरेट समाजके ओर हए । करपोरेट समाजके नेता पइसाके खेलमे लागल हए । अव जनताके मुल्यांकल करके समय हए हुनकर नेता कओन हए ।   
अन्तमे मधेशी जनतो कि कहेके चाहवई ?
हम बज्जिाका वाणी साप्ताहीके माध्यमसे मधेशी आम समुदायके लोगके ईहे कहव की मधेशी गुलामीसे निलकेके झोकमे रहल हए । एकवार झोक अपने भी लगाउ । 
ई पत्रिकाके कओनो सल्लाह सुझाव हए की ?
बास्तवमे हमनी रौतहट जिल्लावासीके गर्वके विषय रहल ई बज्जिका वाणी पत्रिकार जेसे हमनीके अपन मातृ भाषा पहिचना दिलारहल हए । ई पत्रिकाके निरंतरत दईत रहु, सदैव चलइत रहे इहे कामना करइ छी । धन्यावाद ! 

Monday, September 8, 2014

एसपीके सरुआके साथे तस्करी शुरु

रौतहट, भादो । रौतहट  जिल्लाके एसपी उमेश रंजितकार के सरुआ होते फेर से तस्करी शुरु भेल हए । एसपी रंजितकारके सरुआके खवर सुन्ते गौर बैरगनियाके तस्कर सव भोज भातकरईत खुशिया मनाके तस्करीके लाईन खुलावेमे सफल भेलावाद दिन दहारे तस्करी शूरु भेल हए । ऐने अपने कार्यलय प्रमुखके जिम्मा पएले डिएसपी भिम ढकाल जिल्लाके हरेक चैकी इलाका इन्र्चजके तस्करी उपर कडा कार्यवाही करेके निर्देशन देलापर भी तस्करी शूरु भेल समाचार प्राप्त भेल हए । ऐसे प्रस्ट होचुकल हए कि डिएसपी ढाकाल  आम जनताके आगे और मेडियामे आवेकले अपनाके चर्चित और बनावेकेले  निर्देशन देलन लेकिन कहला जाले “दुधके राखवारी विलाईके” उखानके सिद्ध कएल आम जनताके बुझाई रहल  हए । 
कहल जाले “चार दिनके चान्दीनी फिर नधेरी रात” एसपी कार्यलयके मुल गेटपर साईन वोड लगाके अपनाके मुखमे राम राम बगलमे छुरा जइसन सावित भि कर चुकल स्थानिय राम भरोस साह  आरोप लगएलन । सिर्फ आम जनताकेले हर चिजमे रोक हए । दलाल और तस्करके   लेल न । 

भन्सारके उच्चस्तरीय कर्मचारीके मिलोमतोमे सोना चाँदीके घोटाला

रौतहट, भादो । रौतहट जिल्लाके मुल नाग गौर भन्सार कार्यालयके कर्मचारीके मिलोमतोमे सव दिन खुल्याम ह्वाईट तस्करी होइत ही आएल हए लेकिन अव उच्चस्तर कर्मचारीके मिलोमतोमे पक्राएल साृना चाँदीमे व्यापक हिनामिना होइत आएल सामाचार प्राप्त भेल हए । 
भारतसे नेपाल आ नेपालसे भारतमे अवैधरुपमे लियावे लेजाएके क्रममे भन्सार सुरक्षा कार्ड पडके बुझएले सोना चान्दीके गरगरहनामे भारी घोटला होईत आएल कार्यालय श्रोत जनएले हए । वितल आसिन २० गतेके दिन सोनाके गरगहना पक्राउ परल परिमाण से घट्टाके गौर भन्सार कार्यालय गौरके प्रमुख राजेन्द्र हमाल नेपाल राष्टू बैकमे बुझएले समाचार स्रोतके दावी रहल हए । 
इहे विच कतिक ४ गतेके दिन पक्राउ परल सोना चाँदीके गरगहनामे समेत अनियमितता भेल बतावल गेल हए । फागुन ३ गतेके दिन पक्राएल चाँदीके गरगहना आ चईत २८ गते पक्राएल चाँदीके गरगहनामे कार्यालय प्रमुख हमाल असल सोना चाँदीके सटा मिसावल कम असल  सोना चाँदीके गर गहना नेपाल राष्टू बैकमे बुझएले आरोप उहे कार्यालयके एक जने कर्मचारी नाम नबतावेके शर्तमे बतएले हए । पक्राएल सोना चाँदीके                गरगहनाके गौर भन्सार कार्यालयके हाकिम भादो ११ गतेके दिन नेपाल राष्टू बैकमे बुझावे लेगेल गौर भन्सार कार्यालयके खरदार गँगा बहादुर बतएलन । 
३८.६० ग्राम सोनाके  गरगहना ,२२.२२० ग्राम सोनाके गरगहना ,३.१४४ कीलो  चाँदीके गरगहना ,६६८ ग्राम चाँदीके गरगहना ,७७० ग्राम चाँदीके गरगहना कार्यालय प्रमुख ही बैकमे बुझावे लेगेल  खरदार बहादुर बतएलन । इ सम्वन्धमे कार्यालय प्रमुख हमालसाथे सम्पर्क करेके खोजलावाद  काठमाण्डु गेलासे सम्र्पक होए नसकल ।

पिडित किसान आन्दोलनमे कुच्छ नेतासव माल कमाएके खेलामे

रौतहट, भादो । एगो लेख लिखले हए । बेदर्दीके जमानामे दर्दके कओनो सहारा न मिल्ल ,जाहाँ गेली उहाँ कभि किनारा नमिल्ल । ई पंक्तके हालत रौतहटके किसान सव आज के समय भोग रहल हए । 
हजारो विगहा धान खेत श्री रामसुगर मिल्स, ज्योति डिष्टीलीर आ बाबा डिष्टिलीके खराव रासायन यूक्त पानीके कारण सखाप भेल धान खेतके मोअवजा, कम्पनीमे शुद्धिकरण करके उपकरण लगावेके जइसन माग राखइत रौतहटके किसानसव आन्दोलनमे उत्रल और अनसन तक पहुचल हए । किसान सवके मागँ प्रति रौतहट जिल्लाके राजनितिक पार्टीके एक धारण भेला पर भी अव फेरी राजनितिकके साथे कुटनितिक शुरु होचकल हए । ऐने किसानके पिडासे जादाँ  नेतृत्वके होडवाजी शूरु भेल हए ।  अव किसानसवके मोअवजाके छोडइत कुच्छ नेतालोग अपन कमिसन बनावेके चाकरमे लाग गेल  समाचार प्राप्त भेल हए । 
विगतके समय देखल जाएत रौतहटके राजनितिक पार्टी सव कभि भि जनता या किसानके हितके लेल काम कएल इतिहास हि नरहल हए । लेकिन अभिके किसानके आन्दोलन प्रति राजनितिक दलके सहगोग रहला पर भी कुच्छ नेतालोग अपनके आगे लावेला आ रकमी चलखेल करके माल कमाएके चकरमे लाग श्रोतके दावी रहल हए । अभि  किसानके आन्दोलन दुगो समाजके विच आगे वढल हए ।
एगो समाज रहल हए आम जनता समाज और दोसर करपोरेट समाज, करपोरेट समाज अपन नेताके मिलाके किसानके कहानी खतम करेपर लागल हए त । दोसर ओर आम जनताके नेता आन्दोलन और भी शसक्त बनावेम जुटल हए । कच्छ करपोरेट समाजके नेता श्रीराम सुगर मिल्स, बाबा  और ज्योती डिष्टीलरीसे पिडित किसानसव भाओ कर चुकल और एडभान्स भी लेचुकल समाचार श्रोतके दावी रहल हए । 
श्रोतके अनुसार बाब और ज्योती डिष्टीलरीसे कुछ नेता लोग ही नेतासवके मैनेज करकेलेल एडभान्सके रुपमे ४ लाख रुपैया लेले हए त श्री     राम सुगर मिल्स सरकार नमानलापर कुच्छ मोअवजा वेवेके सहमती भेल हए । ऐने पिडित किसानसव वितल ११ दिनसे अनसन जारीए राखले हए त ओने कुच्छ खस नेतालोग अपन माल कमाएलके खेल  जारी
राखले हए । लेकिन अनसन नकेरेला आम लोग नेतसवसे आग्रह कएले हए ।



Wednesday, September 3, 2014

समाप्त होएके अवस्थामे, रौतहटके धार्मिक एवम् पर्यटकीय जगहके पहिचान

 रौतहट, भादो ।  जिल्लाके सदरमुकाम गौर स्थित बरहवा ताल क्षेत्र, सिवनगर शिव मन्दीर, राजदेवमे रहल राजदेवीमन्दीर, महादेपटी शिव मन्दीर, बागमति नदी किनारमे रहल धामिर्क एवं पर्यटकीय जगह नुनथर, पौराई मे रहल ब्रम्हस्थान, सन्तपुरके मरधर सिमसार क्षेत्र लगाएत आधा दर्जनसे भी जादाँ ऐतिहासिक महत्वके जगहसवके उचित संरक्षण एवं सम्बद्र्धन होनसकला से उसवके पहिचान ही डुवेके अवस्थामे पुगल हए  । 
रौतहट जिल्लाके विभिन्न जगहमे रहल धार्मीक एवम् पर्यटकीय जगहसव  संरक्षण, सम्बर्धन एवं प्रचार प्रसार नभेलाके कारण पर्यटकीय एवं धामिर्क महत्वके ऐतिहासिक जगहसवके  पहिचान समाप्त होएके अवस्थामे पहुचल हए ।
गौर स्थित बरहवा ताल क्षेत्रके  विकास एवं विस्तारके लेल यातायात सहज बनावेला झुलुङगे पुल समेत निर्माण कएला पर भी अभि उ क्षेत्रके साथे पुरा क्षेत्रमे  गन्दगी हि गन्दगीसे भरल हए । तालके अधिकांस जमिनसव अतिक्रमण करके खेतमेपरिणता कर चुकल अवस्थारहल हए । बरहवा मे अभि भि पानी नसुकेके भेलासे आन्तरिक पर्यटन के आकर्षण  करेला डेन्गी चलावके प्रवल सम्भावना रहल, उ सिमसार क्षेत्र भी  संरक्षण आ संबद्र्धन बिहीन भेलाके कारण  परिचय समेत गमावेके अवस्थामा रहल हए । 
ओइसही रौतहटके  परौई अन्तरगत रहल नुनथर क्षेत्रमे मिलेवाला पथल नुनगर होएके साथे यातायातके सुविधा नभेल समयमे मकवानपुर, सिन्धुली आ रौतहट करके तिन जिल्लामे पैदल आवतजावत   करेवाला मुल नाकाके रुप मे नुनथर  परिचित रहल रहे । उ जगहके आकर्षण एवम् मनोरम बनावेला विभिन्न संघसंस्था कएले आथिर्क एवं भौतिक सहयोग बालुमे पाली जइसन भेल हए । उचित संरक्षणके अभावमे सब बनावलगेल भौतिक पूर्वाधार एवं साधनसव जीर्ण आ खतम होरहल अवस्था हए । साथे सिवनगरमे रहल शिवमन्दीरके अवस्था भी ओहन ही देख गेल हए । कहजाले प्राचिन समय मे ही भगवान शिवके लिंगसे उत्पन भेल हए उहाँके शिवलिंगके जाहाँ अस्था आ विश्वासके साथ हरेके एतवार लगायत तेरस, श्रीपन्चमी आ शिवरातके दिन विशेष महत्वके साथ जेभी भक्त अपन मुरादा लेकेजाइआ उसवके मुरादा पुरा होइअ, ओहीसे उहाँ रौतहट वारा, सलार्ही, विहारके विभिन्न जगहसे भक्तके भिड रहइअ । लेकिन आज तक उ पवित्र स्थलके विकासके लेल कओनो भी विचार नअएलासे दिन प्रतिदिन उहाँके महत्व लोप होएके अवस्थामे पुगल हए । ओइसही सन्तपुरमे  रहल मरधर सिमसा,  जाड़के मौसमे जाड़ासे बचेके लेल हुलके हुल साइबेरियन पंछी आवेवाला उ सिमसार क्षेत्रके भी परिचय खतम होएके अवस्थामे पुगल हए । ड़ेढ़ दशक पहिलेतक  हातिसारसे हाति प्रजनन् करावेला समेत सिमसारमे लियावल जाइत रहे जनबोली हए । अभि सिमसार क्षेत्र स्थानीय किसानके अतिक्रमणके चोटमे परके पतला होईत गेल हए  । मछरी पालनके लेल ठेक्का लगएले सिमसार क्षेत्र  ही एगो छोट  पोखरीमे परिणत भेल हए  । धामिर्क मान्यता राखले दोसर महत्वपूर्ण जगह हए  पौराइ ब्रम्हबाबा । जहाँ बारा, पर्सा, सर्लाही, आपरोसी देश भारतसे समेत भक्तालुसवके भिड लागले । बाबाके मन्दिरमे पुजा करेके मानलापर मनोकाङक्षा पुरा होएके जनविस्वास हए । एकर संरक्षण, विकास एवं विस्तार होए नसकलाके  कारण, इहाँ आवेवाला भक्ताजनसव विभिन्न समस्या झेलेके परल स्थानीय समाजसेवी श्रीराम न्यौपाने बताएलन  । 
अइसे रौतहटके विभिन्न स्थानके धार्मीक एवं प्रटकीय स्थल खतरामे मरहलासे  ए प्रति रौतहटके जिम्मेवार लोगके ध्यान देनाई एकदमे जरुर रहल देखल जाईआ । ई जगहसे रौतहटके पहिचा  रहलासे संरक्षण एवं संब्रद्धन करनाई एक दमे जरुरी हए ।

किसानके हाल बेहाल

रौतहट, भादो । नेपाली किसानसव भारत पर आश्रीत भेल हए ।  रौतहटके किसानसव खेती   करेला  भारतीय रसायनिक खाद, विच्छन पर निभर हए  ।  वरसाके शूरु भेल समयमे धान खेती करेला किसानसव भारतिय सिमा नजदिक रहल बैरगनिया, घोडासाह, चैनपुर, ढाका भारतिय बजारसे विच्छन लियाके खेती करेके बाध्य भेल हए । नेपालमे सहुलियत दरमे खेतीके लेल सरकार    गुणस्तरीय विच्छन उपलव्ध करावे नसकलाके कारण स्थानिय बजारमे व्यापारीसव गुणस्तरहिन खाद लियाके महंगा भाओमे विक्री वितरण कररहल किसानसवके कहनाम रहल हए । समयमे खेती  करेला नेपाली बजारमे अच्छा विच्छननेपाल एगो कृषी प्रधान भेलाके बाद भी इहा के किसान हरेके चिज से तवाह हे देखल जार रहल हए । देशके  राजनितिक उथल पुथल से होए या देश के अस्थिरताके कारण होए, हर समय किसान ही मार मे रहल हए । पहिले के इतिहास से लेके अभि तक नेपाल सरकार कृषी प्रति कओनो ठोस निति नियम अपनावे न सकल हए । जव कि सारा नौटंकी कृषी  पर हि चल रहल हए । हरेक मैसममे किसान तवाही रहल देखल गेल हए । धान मे महिना से लेके गहुके महिना तक किसान से पानी, कामदार आ मलखाद के कारण विशेष तवाहिमे खेल गेल हए । नेपाल देश भर के अपक्षे मधेश मे अधिक लोग कृषी पर हि अधारीत भेलासे इहा के किसानसव कुछजादा हि परेसान भोगेके ले बाध्य हए । एगो किसान कहन कि, देखु हमनी मधेशी भेला से ई राज्य से विभिन्न तरहसे समस्या उवजाके हमनी के पछाडी करेके कोशीस मे रहले । धान के महिन हमनीके धान रोपेके समय आवले त आकासे पानी के भर परेको परले । काहेकी नेपाल सरकार ओकरा अलावा कोइभि सिचाई व्यवस्था नमिल्लएले हए । जाव आकाशे पानी परित रोपाई सुरु होइ त कामदारके अभाव होजाले, जेकर सवसे प्रमुख  ककारण रहल हए, धानके उचित मूल्य निर्धाण, हमनी किसान जथाभावी बजारु मोलमे आपन धान विक्री कएला पर कभि समयसे पैसा नमिलले, और मधेश के सव कामदार सव भारत के पंजाव हरियारन लगायत के जगहपर जाके पैसा कमाए चल जाले काहेकी उहाँके सरकार धान लगायत सव अनाज के उचित मोल समयमे तोक के साथ साथ पानी ,विउविजन, मालखाद लगायत हरे सिचाईके अच्छा व्यवस्था मिला देले हए जेकरा चल्ते उहाँ समय मे विक्री होगले आ समय मे सव काम सम्पन्न होएला से पंजाव हरियारन के साथे पुरा भारत आगे देल जाइत हए । हमनी के जेनातेना रोपाई कलेला परभी जव मलखाद देवेके समय आवले त नेपाल सरकार के ओर से खालि हाथ देखावेके सिवा कुच्छो न देखल जाले । अगर हमिनी साइकल से            परोसि भारत के विहारके विभिन्न सहरसे २ (४ बोरा लियइलित सिमामे रहल   भारती एस एसवी त छीनछोर मारपिट त करवे करले जेना तेला उँहासे नेपाल टपावल जाले ले फिर भी इहाँ नलाएक सरकारके पुलिस सव कभि छिन्न के भन्सार बुझावले त कभि पैसा मागँ के छोर देवले । देखल  जाएत इहाँके किसान सव साप छुछुनर के जिवन जिरहल हए । नकिभी पुरती करी अपना से पुरती करेके कोशीस करम त विभिन्न बहानमे इहाँ प्रशासन दुख देवेके शूरुआत करले लगाी । इहाँ किसनके खुन से सरकार चल रहल  हए । जे खुन कव खतम होइ जे ई प्राकृती के सुन्दर समाप्त होई । इ प्रकृया हमनी बहुत सोलो से भोगइत आरहल छी । ई काम हमनी से हरेक मैसममे भागे के मिल्ले । एक दम जाइजत बात हए कि कभि भि नेपाल सरकार मधेश के किसान सव के अपना देश के देश के नागरीक हि नसमझले हए । अगर समझले रहइत त आज २१ औ सताव्दीमे भि इहाँ के किसान सव मालखाल लगायत सिचाई केले दरदर न भटके के अवस्था रहइत ।

Thursday, January 2, 2014

हब्बल दूरबीन ने एक ग्रह पर बादल का पता लगाया

वाशिंगटन : नासा की हब्बल दूरबीन ने 40 प्रकाश वर्ष दूर पृथ्वी जैसे एक ग्रह के वायुमंडल में बादल की मौजूदगी का पता लगाया है। इस ग्रह का नाम जीजे 1214बी है। इसे पृथ्वी जैसे ग्रह के तौर पर वर्गीकृत किया गया है क्योंकि इसका द्रव्यमान पृथ्वी और नेपच्यून के बीच का है। जीजे1214बी जैसा कोई ग्रह हमारे सौरमंडल में नहीं है। इसके भौतिक लक्षण के बारे में अभी काफी कुछ पता नहीं है।
इस ग्रह के पहले के अध्ययनों में कुछ संभावनाओं का पता चला था, या तो इसके वायुमंडल में जलवाष्प भरा पड़ा है या कुछ अन्य तरह के भारी परमाणु हैं, या इसमें अधिक ऊंचाई वाले बादल हैं। लॉरा क्रेदबर्ग और जैकब बीन के नेतृत्व में शिकागो के विश्वविद्यालय के खगोल वैज्ञानिकों के नेतृत्व वाली एक टीम ने अब हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन के जरिए इस ग्रह के वायुमंडल में बादल होने के स्पष्ट साक्ष्य जुटा लिए हैं।
हब्बल दूरबीन के जरिए इसका 11 महीनों के दौरान 96 घंटे तक अध्ययन किया गया। किसी एक ग्रह के अध्ययन पर हब्बल का यह सर्वाधिक लंबा कार्यक्रम है। शोधकर्ताओं ने अपने इस काम को सौर मंडल के बाहर एक संभावित निवास योग्य, पृथ्वी जैसे ग्रह का पता लगाने की दिशा में मील का पत्थर बताया है। इसके बारे में अध्ययन नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है। (एजेंसी)

Tuesday, December 24, 2013

असुरक्षित गर्भपतनके कारण महिलाको मृत्यु

दिनेश यादव  / गौर /  असुरक्षित गर्भपतनसे महिलाके मृत्यु होएके प्रथा जइसनके तइसन ही रहल हए । शिक्षा आ चेतनाके अभावमे सुरक्षित तवरसे नकरएलापर भागताके साथ जेनेतेने असुरक्षित गर्भपतन करएलासे केतना महिलाके अल्पाउमे मृत्यु होरहल हए ।
सरकारी स्तरसे तथा गैर सरकारी स्तरसे प्रचार प्रसारके नाममे लाखो करोडो खर्च होरहला पर भी असुरक्षित गर्भपतन करावेके कार्य नियन्त्रण होएनसकल हए ।  स्थानिय कटहरिया गाविसके  एगो ४५ बरिसके महिलाके गर्भपतनके कारण मृत्यु भेल हए ।
कटहरिया ४ के भरोस  राउत कुर्मीके पत्नी ४५ बर्षिय सोनादेवीके गर्भपतनके कारण कुच्छ दिन पहिले मृत्यु भेल स्थानियसव बतएले हए ।  ६ गो बेटा बेटीके मतारी सोनादेवी कुच्छ  महिना पहिले गर्भवती भेल रहे । पुतोह समेत घरमे लियावे सकल सानादेवीके गर्भ ठहरलावाद उनका लोकलाज बहुत सतएलक  ।
गर्भ ६।७ महिनाके वाद आसपरोसके महिलासव सोनादेवीके बुढारीमे ई किकएलक कहके  जिस्कावे लागल रहे । कओनो गर्भके वारमे बात करते सोनादेव गारी समेत कएल उनकर पति भरोस   राउत बतएलन । गर्भके बारेमे केकरो नकहके स्थानिय सुडेनीसाथे पाठयघरमे जडीबुटी राखके गर्भपतन करएलन ।
गर्भपतनके कारण अत्यधिक रक्तश्राव होके मृत्य भेल  पिडीत परिवार जनएले हए । सोनादेवीके अल्पाउमे भेल मृत्य  राउत परिवारमे दुखके लम्हर  पहाड टुटल हए । घरके समपुर्ण आर्थिक कारोवार करके जिम्मा ओरे उपर रहलासे उनकर लाखो रुपैया उठे नसकल  पिडीत परिवारके कहनाम रहल हए । कटहरिया, फतेपुर, बगही, हँथियाही लगायतके  उ क्षेत्रमे  परेवाला सब बजारसवमे ब्यापार करके साहुकेमे जम्मा कएले करिब एकलाख रुपैया कच्छ गहना समेत डुबल  पिडीत राउत सिकाइत कएलन ।
समयमे जानकारी करएलले रहइत त जाचकराके अच्छा करइती लेकिन केकरो जानकारी नकरएलासे कुच्छा करेन सकली मृतकके बेटा बेला राउतके कहनाम रहल हए । एसेपहिले  कनकपुर गाबिसके एगो चौधरी जातके महिलाके गभेपतनके कारण मृत्यु भेल रहे । कनकपुर ४ के जसोधा चौधरिनीके मृत्यु भेल स्थानियसव बतएले हए ।
अशिक्षा आ चेतनाके अभावमे अभिभी जिल्लाके ग्रामीण भेगमे असुरक्षित गर्भपतन करावेके प्रथा जइसनके तइसन रहल हए । गर्भपतनके सरकार मान्यता देलावाद पति पत्निके सलाह अनुसार मेरीस्टोप सेन्टर लगायतके स्थानमा सुरक्षित गर्भपतन करावके व्यवस्था कएल गेल हए । लेकिन ग्रामिण भेगके अधिकांस आदमीसव ओइसन केन्द्रसवमे नजाके सुडेनी, भगता आ  सिमावर्ती भारतिय बजारसवमे जाके गर्भपतन करएलासे समय समयमे महिलासवके मृत्यु होइत गेल  स्थानिय समाजशेवी बिधासागर यादव बतएलन ।
अस्पताल आ मेरिस्टोपमे गेलापर गाओपरोसीके पताहोएके डरसे भी गारजियन असुरक्षित तरिकासे गर्भपतन करवइत आएल यादवके कहनाम रहल हए ।
नेशनल मेडिकल कलेज बिरगंजके डाक्टर बिशवनाथ साह असुरक्षित गर्भपतनसे मृत्यु होनाई तिनगो          कारण रहल बतएलन । अत्यधिक रक्तश्राव, पाठयघर संक्रमित होनाई आ पाठयघरमे घाओखत लागल  महिलाके मृत्यु होइत आएल डाक्टर साह बतएलन ।