Saturday, September 20, 2014

बज्जिका अभियान जरुरी ः पूर्वसभासद यादव

सञ्जय साह मित्र
गरुडा÷बज्जिका भाषाको विकासके लेल अभियान चलानाइ जरुरी रहल पूर्वसभासद कृष्णप्रसाद यादव बतएले छथिन् । नेपाली कांग्रेस रौतहटके सभापतिसमेत रहल पूर्वसभासद यादव हर गाँओमे मातृभाषा बज्जिकाके विषयमे सजगतापूर्वक जागरण अभियान चलानाइ आवश्यक भेल बतएलन् । गोरखापत्र नयाँ नेपाल बज्जिका पृष्ठ संयोजक सञ्जय साह मित्रसे बातचित करइत यादव बज्जिका अपना क्षेत्रके सबसे पुरान भाषा रहल आ ए भाषाके सम्बन्ध अपना संस्कृतिसे जुटल होएलासे भाषाके विकासके साथे संस्कृतिके जागरणके लेल सभीके लगनाइ महत्त्वपूर्ण रहल बतएलन् । अपना मातृभाषाप्रति सचेत हरेक युवा, शिक्षित नागरिक, शिक्षक, पत्रकार, समाजसेवी–राजनीतिकर्मी लोगके अपना तरपसे होसकेवाला योगदान देबेसे पछाडि नपरेके समय आएल कहइत यादव दोसरा भाषाके तुलनामे बज्जिकाके विकास नहोनाइ अपनेआपमे दुःखद पक्ष रहल बतएलन् । पहिल संविधानसभामे मातृभाषा बज्जिकामे शपथ लेबेबाला पहिल आ एकमात्र सभासद रहल यादव बज्जिकाके विकास नहोएमे बज्जिका जागरण नहोनाइ ही प्रमुख कारण रहल बतबइत अबके समयमे इस्कुलसे लेके कलेजतक आ सभी वर्गसहित समाजके लोग मातृभाषाके सेवाके लेल आवाज उठाबेके जरुरी रहल बतएलन् । वर्तमान अवस्थामे बज्जिकाके ओर ध्यान नदेलापर मातृभाषा आउरो पछुआइते जाएके कहइत पूर्वसभासद यादव उपयुक्त समयपर उपयुक्त कदम चलनाइ बहुत महत्त्वपूर्ण रहल सलाह भी देलन् । अब बज्जिकाके विकासके लेल संगठित कदम उठाबेके प्रयास भी करनाइ आ सभीके साथ लेके चलनाइ भी बज्जिका विकासमे बहुत लमहर कदम होएके बतएलन् ।

बज्जिकामे गीत गाबेके सहनीके चाहना

सञ्जय साह मित्र
गरुडा÷नेपाली चलचित्रके गायकके रुपमे अप्पन स्थान बनारहल रौतहटके रंजित कुमार सहनीके अपना मातृभाषामे गीत गाबेके चाहना रहल हए । रौतहटके गेडहीगुठीके स्थायीबासी गायक सहनी नेपाली चलचित्र आ आधुनिक नेपाली गीतके नयाँ उदीयमान गायकके रुपमे देखल जाइता । नेपालके वरिष्ठ संगीतकार शम्भुजीत बास्कोटाके साथ भी हालहीमे गीत गाचुकल सहनीके अप्पन मातृभाषा बज्जिकामे गीत गाबेके चाहना रहल हए । गोरखापत्र नयाँ नेपालके बज्जिका पृष्ठ संयोजक संजय साह मित्रसे बातचित करइत सहनी दोसरका भाषामे गीत–संगीतके विकास होरहल देखके अपनो भाषामे भी कुछ करेके चाहना रहल बतएले छत । दर्जनसे बेसी नेपाली फिलिममे गीत गएले आ विभिन्न राष्ट्रिय गायन प्रतियोगितामे पुरस्कृत भेल सहनीके एलबम भी निकलल हए । सहनी अपना मातृभाषामे गाबेके चाहना जल्दिए पूरा होएके विश्वास भी व्यक्त कएले छत । 

बज्जिकाके विकिपिडिया भी

सञ्जय साह मित्र
गरुडा÷ विश्व ज्ञान कोषके रुपमे परिचित विकिपिडियाके विभिन्न भाषाके जइसन बज्जिकाके भी अलगे विकिपिडिया रहल हए । बज्जिकाके विकिपिडिया नेपाली, हिन्दी, अंग्रेजी आ भोजपुरी भाषामे भी उपलब्ध हए । नेपाली भाषामे रहल बज्जिकाके विकिपिडियामे सन् २००१के जनगणनाके रिपोर्ट उपलब्ध हए । नेपाली बज्जिका लेखक आ भाषाके विषयमे खासे बहुत जानकारी नहोएलापर भी बज्जिकाके लेल विकिपिडिया उपलब्ध होनाइ महत्त्वपूर्ण उपलब्धि रहल प्रतिक्रिया बज्जिकासेवी लोगके हए । अपना मातृभाषाके विकिपिडियामे पहुँच अपनेआपमे सुखद रहल लेखक नेपाल बज्जिका भाषा शिक्षक प्रतिष्ठानके अध्यक्ष सफिन्दर प्रसाद यादवके कहनाम हए । भोजपुरी भाषामे रहल बज्जिकाके विकिपिडिया लगभग खाली ही रहल हए । हिन्दी भाषामे रहल बज्जिकाके विकिपिडियामे भारतीय बज्जिकाके विविध पक्षपर जानकारी उपलब्ध रहल हए । बज्जिका भाषाके विषयमे जाने चाहेबालाके लेल हिन्दी संस्करण महत्त्वपूर्ण होसकइअ । मगर एई संस्करणमे भी जनगणनाके नयाँ तथ्यांक उपलब्ध नहए । अंग्रेजी भाषामे रहल बज्जिकाके विकिपिडियामे भी बज्जिकाके विषयमे महत्त्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध रहल हए । बज्जिकासे सम्बन्धित सभी विकिपिडियामे नेपालके सर्लाही, रौतहट आ आसपासके क्षेत्रमे बज्जिका भाषा बोलल जाइअ कहके उल्लेख रहल हए । विकिपिडिया संसारभरके लोग देखेके आ एसे बज्जिकाके प्रचारप्रसार होएके साथे बज्जिका भाषापर सकारात्मक धारणाके विकासमे सहजोग पुगेके बज्जिका भाषा विकास परिषद नेपालके केन्द्रीय उपाध्यक्ष लालबाबु साह बतएले छत ।

Friday, September 12, 2014

सय प्रतिशत प्रभावी इबोलाके दवाई

रौतहट, भादो । 
अनुसन्धा कर्ताओ सवके  कहना हए कि जानलेवेवाला इबोला वायरसके उपचारके लेल प्रायोगिक दवाई जÞीमैपके  बांनरपर सय प्रतिशत प्रभा पाएल गेल हए ।
“नेचर” पत्रिका में प्रकाशित ई अनुसन्धामे वैज्ञानिक इबोला वायरससे निपटके लेल इ ”एक बेहद अहम कÞदम” बतएले हए । खÞास बात त ई कहल गेल हए कि संक्रमीित होएके तिन चार दिन वाद भी ई दवाईके  इबोला वायरस पर असरदार पायल गेल हए । अभी तकके स्थितिके मुताबिक जÞीमैपके बड  पैमाना पर तयार न कएल जासकइत हए  और इंसान पर एक कि असर होइत हए स्पष्ट न हए । इबोला वायरससे संक्रमित  मरीजपर जब जÞीमैपके आजÞमायल जाई त  सातमे दुगो  मरीजÞ ई दवाईके बावजूद भी बच नसकल । 
सेनेगल भी पहुंचा इबोला
 जÞीमैपके ”सीक्रेट सीरम” कहल जाई काहेकी  ई अभि तक प्रायोगिक चरणमे हए । इहे विच सेनेगलमे अधिकारिसव देशमे इबोलाके पहले मामलाके पुष्टि कएले हए ।   एकरा साथही सेनेगल, पश्चिम अङ्खरीकाके पांचवा देश बन गेल हए  जहां इबोला के संक्रमणँ भेल हए । एगो अनुमानके मुताबिक पश्चिम               अङ्खरीकामे लगभग द्दण्,ण्ण्ण् लोग इबोला वायरसके चपेटामे हए । पश्चिम अङ्खरीकामे इबोला वायरसके वजहसे अब तक ज्ञछण्ण् से अधिक लोग मार जा चुकल हए  । 

इंसानी दिमागके टक्कर देवे वाला रोबोट

    रौतहट, भादो ।  अमरीकी अनुसन्धाकर्ता सव एगो अइसन रोबोट ब्रेन बनएले हए जे इन्टरनेट पर लाखो वेभ पेजके ब्राउजर बनाके नयाँ नयाँ हुनर सिखा सकइत हए । ”रोबो ब्रेन” अइसन तरह से डिजÞाइन कएल गेल हए की उ  सार्वजनिक रुपसे उपलब्ध सूचना श्रोत से कए  प्रकार के हुनर और ज्ञान के हासिल कर सकइत हए ।
दुनिया के बाकीँ हिस्सा में मौजूद और रोबोट अपने रोजमर्राके कामके लेल   रोबो ब्रेनके सूचनाके उपयोग कर सकइत हए । आइसनके एगो प्रोजेक्ट रोबोअर्थके यूरोप में पहिले ही विकसित कएल जारहल हए । बीतल जनवरी में नीदरलैंड में एक प्रयोग कएल गेल रहे ।
रोबोअर्थ के जानकारि के श्रोत प्रोग्रामिंग हए जबकि रोबो ब्रेन इंटरनेट से मिलल सूचनासव के प्रति खÞुद अपन समझ बनवइअ ।
माइक्रोवेव और छाता
रोबो ब्रेन प्रोजेक्ट पर अमरीका के चार विश्वविद्यालय (काँर्नेल, ब्राउन, स्टैनफÞोर्ड और कैलिफÞोनिर्या मिलाके काम कर रहल हए । एमे गूगल और माइक्रोसाङ्खट जइसन कंपनिसव भी सहयोग कर रहल हए ।
अनुसन्धानकर्तासव के कहनाम  हए कि पिछला महीना कÞरीब एक अरब फोटो, एक लाख द्दण् हजÞार यूट्यूब वीडियो और लगभग ज्ञण्                 करोड़ उपकरण्ँों के मैनुअल के एमे खंगालेके शूरु कर देले                 हए ।
इ प्रोजेक्ट के एगो वेबसाइट में बतावल गेल हए की ई कुर्सी के पहचानु, माइक्रोवेव और छाता के प्रयोगके सम्झले हए  । अनुसन्धानकर्ता सव के कहना हए कि रोबो ब्रेन केवल वस्तुसव के ही न पहिचानले, बल्की ओमे मनुष्य के भाषा और व्यवहार जइसन जटिल चीज के समझे के भी Ôमता हए ।
ई दिमाग के पहचान सकइत हए और जान सकइत हए कि एकर प्रयोग कहे और कइसे कएल जाले ।
ई भी जानईअ की जव कओनो टिभि देखइत हए ओकरा                  रास्तामे न आवेके चाही । 
कार्नेल विश्वविद्यालय के एगो अनुसन्धानकर्ता आशुतोष सक्सेना कहलन, ”यदि कोई            रोबोट अइसन स्थिति में फसइत हए, जोनामे हवसे पर जाइअ त उ रोवोट ब्रेनसे सल्लाह                मश्वरा कर सकइत हए । 

Thursday, September 11, 2014

मधेशके अधिकारी हि हमनीके अभियान ः मल्लिक

 ललित मल्लिक सानु
मधेशके राजनितिमे मधेशीके  अधिकारकेलेल हरदम अपने जीवन समर्पीत कर चुकल एगो सचा मधेशी सपुत्र जे मधेशीके हरेक आन्दोलन, मधेशी जनताके हर मुद्दा पर डटके लडेवाला राजनितिकके पोखता मधेशके हरेक तरहके सोचवाला, युवा नेतृके सक्षम युवा जोसीला युवा विधार्थी जिवनसे ही राजनितिक करइत आएल एगो नाम हए, जे रौतहट जिल्लाके गाविस राजपुर तुलीसमे जनमले मधेश और मधेशीके लालके रुपमे रहल तराई मधेश राष्ट्रिय अभियान युवाके केन्द्र अध्यक्ष ललित मल्लिक सानु साथे बज्जिका वाणी साप्ताहीक साथे भेल समसमायी     बातचीतके कुछ हिस्सा ः–
ललीत जि अभि कि साव हो रहल  हए ?
                राजनितिक रुपसे दोसरका संविधान सभा प्रतिगमनकारी होई ई हमसव निर्वाचनसे पहिलेही आंकलन कएले रही जेकरा कारण हमरा सवके संगठन तराई मधेशी राष्ट्रिय अभियान निर्वाचनमे सहभागी नभेल और हमसव ठोस निर्णय कएले रही की मधेशी जनताके जायज मागँ संघियता, सुसासन, समान्ता, सम्मान औ न्यायके लेल संघर्ष एगो मात्र विकल्प रहल गेल हए । उ संघर्ष केलेल हमसव पुरा मधेश भर प्रशिक्षण और संगठन निमार्ण पर जोड देके एगो शसक्त और निर्णायक अधिकार मुखी संघर्षके तयारी कररहल छी । मधेशके अधिकारी हि हमनीके अभियान रहल ।
लोक्तान्त्रीक या प्रजातान्त्रीक पद्तिहए कि राजनितिक दल सवके निर्वाचनके द्वारा ही सम्पन्नता होईअ ?
देखु मधेशीके राजनितिके अवस्था बुहत भद्रगोल रहलासे निर्वाचन या अधिकार मागेसे पहिले अपने सहि निर्णय उ निर्णयमे सवके समान्न धारर्ण आवश्यक्ता रहल हए । आज सम्मान धारण नभेलासे मधेशीके राजनिति पिछा रहल हए । 
उहे उदेश्यसे कोनो भी हालतमे मधेशीके हितमे दोसरका संविधान सभा नहोसकेके आकलनसे मात्र संगठनके विस्तार करके एगो सक्षम कार्यकर्ता निमार्ण हेतु हमसव निर्वाचनमे नगेली आज पता चल गेल ही हए कि केतना कारगर हए मधेश और मधेशीके लेल । 
अपनेके अध्यक्ष जय प्रकास प्रसाद गुप्ता एगो भ्रष्टाचारी नेता भेलासे अपने छवि या अपन स्तीत्व बचावेला ई अभियान संचालन कएल आरोप रहल ?
दिनेश जी राज्य सदैव अपन विरोधी कहु या हितविपरित कार्य करेवाला हरेक व्यक्ति या संगठनके लान्छीत करके नेपालके इतिहास बहुती पुराना हए । जल्वन्त उदाहारण नेपालके प्रजातान्त्रीक नायक वि.पि कोइराला पर भी ओहन कओगो लान्छना लगावल गेल । 
भिमसेन थापासे लेके बाबुराम भट्टराई होइत जयप्रकास प्रसाद गुप्ता तक राज्यद्वारा कओनो न कओनो लान्छनासे कलंकित करइत आएल हए । लेकिन एकर ई मतलव नहए कि उ व्यक्ति संघर्ष ही छोडके चल जाई । और जेपि गुप्ता भी उ लान्छनाके अपन एगो संघर्षके चरन मानइत मधेशी जनताके विचमे छत और अपन संघर्षके अगाडी बढारहल छत ।  हुन्कर लान्छनाके सत्यता मधेशी जनता भली भाती बुझ रहल हए । तमरा अभियानके ११ महिने अवधिमे मधेशी जनताके अपार सहयोग मिल्ल जेसे ई संगठन मधेशीके शसक्त क्रान्तीकारी संगठनके रुपमे आएल हए । 
मधेशके मुद्दा एक भेलापर भी मधेशी राजनितिकदलसव फुटेके कारण कि होसकइत हए ?
देखु सांगठनीक संरचना त हए हि हए लेकिन संघर्षके क्रममे विश्वके इतिहास रहल हए कि संघर्षील संगठनमे अनवरत रुपमे फुटेके प्रक्रिया चलते आएल हए, आ भविषयमे भि एकरा  रोकेके कओनो सयन्त्र न बनल हए । रहल मधेशके सन्दर्भमे एकर छोट राजनितिक ईतिहास भेलासे मधेशीके संगठनीक अभ्यामके अभाव देखल गेल जेसे फुटेके प्रक्रिया अभितक जारी हए लेकिन जइसे जइसे संगठनीक अभ्यास और नेतृत्वके विकास होइत जाई ओइसही अपने आप निर्मूल होजाएवाला समस्या रहल हए । 
अपनेके पार्टीके मधेशके कएगो जिल्लामे संगठन विस्तार होचकल हए  ?
अभि त हमनीके पार्टी तराई मधेशी   राष्ट्रिय अभियान मधेशके १८ जिल्लामे जिल्ला कमिटि विस्तार होचुकल हए । बार्की और भी जिल्लामे विस्तार होएके क्रम जारी रहल हए । 
दोसरका संविधान सभाके मान्डेड रहल हए कि माघ ८ गेतके नेपाल नयाँ संविधान पावेवाला हए । अपनेके कईसन लागल हए, जारी हो सकइत हए की ? 
भगवान करे कि नेपाल नयाँ संविधान पाए, लेकिन हमरा न लागरहल हए कि माघ ८ गते जारी हो सकी, अगर जारी भी होइत मधेश और मधेशी जनताके हितके कदापी नहोसकी । और हमनी मधेश और मेधशीके अधिकार विनाके संविधान कदापी मानेके लेल तयार नछी । .
अभि तक अपनेके संगठन मधेशके या मधेशीके अधिकारके लेल कि की कर रहल हए ?
देखु हमसे मधेश और मधेशी के हरेक अधिकारके लेल डल  रहल छी । वितल चइतमे एस एल सी  परिक्षामे जनपुरके धवैली परिक्षा केन्द्रमे  राज्यद्वारा गोली चलाके ओदिनके समाजीक विषयके परिक्षा स्थगित   करावल गेल रहे । जेकर पुनः परिक्षा करावेला हम खुद उहाँ १३ दिन तक अनसनमे बइठके पुनः परिक्षा करएले रहली । एडिवि प्रोजेक्ट जनकपुरमे राखेके लेल धारण पर समेत बइठल   रहली ओइसही रौतहटके किसानके आन्दोलन प्रति पूर्ण सहयोग करइत आएल छी । अइसही मधेश और मधेशीके मुद्दाप्रति साथ देइत अपन संगठनके विस्तार कररहल छी ।  
रौतहटके किसान सवेके आन्दोलनमे ईहाँके राजनितिक दलसव लम्हर पइसाके खेलमे लागल सुनेमे आएल  हए ?
देखु रौतहटके ई किसानके आन्दोलन रौतहटके दु किसीमके वर्गके विचके द्वन्द्वके रुपमे चित्रीत होएलके समाजीक अवस्था हए । एगो रौतहटके करपोरेट समाज और दोसर रौतहटके आम समाज ओमे आम समाजके नेता आम समाजके ओर हए और करपोरेट समाजके नेता करपोरेट समाजके ओर हए । करपोरेट समाजके नेता पइसाके खेलमे लागल हए । अव जनताके मुल्यांकल करके समय हए हुनकर नेता कओन हए ।   
अन्तमे मधेशी जनतो कि कहेके चाहवई ?
हम बज्जिाका वाणी साप्ताहीके माध्यमसे मधेशी आम समुदायके लोगके ईहे कहव की मधेशी गुलामीसे निलकेके झोकमे रहल हए । एकवार झोक अपने भी लगाउ । 
ई पत्रिकाके कओनो सल्लाह सुझाव हए की ?
बास्तवमे हमनी रौतहट जिल्लावासीके गर्वके विषय रहल ई बज्जिका वाणी पत्रिकार जेसे हमनीके अपन मातृ भाषा पहिचना दिलारहल हए । ई पत्रिकाके निरंतरत दईत रहु, सदैव चलइत रहे इहे कामना करइ छी । धन्यावाद ! 

Monday, September 8, 2014

एसपीके सरुआके साथे तस्करी शुरु

रौतहट, भादो । रौतहट  जिल्लाके एसपी उमेश रंजितकार के सरुआ होते फेर से तस्करी शुरु भेल हए । एसपी रंजितकारके सरुआके खवर सुन्ते गौर बैरगनियाके तस्कर सव भोज भातकरईत खुशिया मनाके तस्करीके लाईन खुलावेमे सफल भेलावाद दिन दहारे तस्करी शूरु भेल हए । ऐने अपने कार्यलय प्रमुखके जिम्मा पएले डिएसपी भिम ढकाल जिल्लाके हरेक चैकी इलाका इन्र्चजके तस्करी उपर कडा कार्यवाही करेके निर्देशन देलापर भी तस्करी शूरु भेल समाचार प्राप्त भेल हए । ऐसे प्रस्ट होचुकल हए कि डिएसपी ढाकाल  आम जनताके आगे और मेडियामे आवेकले अपनाके चर्चित और बनावेकेले  निर्देशन देलन लेकिन कहला जाले “दुधके राखवारी विलाईके” उखानके सिद्ध कएल आम जनताके बुझाई रहल  हए । 
कहल जाले “चार दिनके चान्दीनी फिर नधेरी रात” एसपी कार्यलयके मुल गेटपर साईन वोड लगाके अपनाके मुखमे राम राम बगलमे छुरा जइसन सावित भि कर चुकल स्थानिय राम भरोस साह  आरोप लगएलन । सिर्फ आम जनताकेले हर चिजमे रोक हए । दलाल और तस्करके   लेल न । 

भन्सारके उच्चस्तरीय कर्मचारीके मिलोमतोमे सोना चाँदीके घोटाला

रौतहट, भादो । रौतहट जिल्लाके मुल नाग गौर भन्सार कार्यालयके कर्मचारीके मिलोमतोमे सव दिन खुल्याम ह्वाईट तस्करी होइत ही आएल हए लेकिन अव उच्चस्तर कर्मचारीके मिलोमतोमे पक्राएल साृना चाँदीमे व्यापक हिनामिना होइत आएल सामाचार प्राप्त भेल हए । 
भारतसे नेपाल आ नेपालसे भारतमे अवैधरुपमे लियावे लेजाएके क्रममे भन्सार सुरक्षा कार्ड पडके बुझएले सोना चान्दीके गरगरहनामे भारी घोटला होईत आएल कार्यालय श्रोत जनएले हए । वितल आसिन २० गतेके दिन सोनाके गरगहना पक्राउ परल परिमाण से घट्टाके गौर भन्सार कार्यालय गौरके प्रमुख राजेन्द्र हमाल नेपाल राष्टू बैकमे बुझएले समाचार स्रोतके दावी रहल हए । 
इहे विच कतिक ४ गतेके दिन पक्राउ परल सोना चाँदीके गरगहनामे समेत अनियमितता भेल बतावल गेल हए । फागुन ३ गतेके दिन पक्राएल चाँदीके गरगहना आ चईत २८ गते पक्राएल चाँदीके गरगहनामे कार्यालय प्रमुख हमाल असल सोना चाँदीके सटा मिसावल कम असल  सोना चाँदीके गर गहना नेपाल राष्टू बैकमे बुझएले आरोप उहे कार्यालयके एक जने कर्मचारी नाम नबतावेके शर्तमे बतएले हए । पक्राएल सोना चाँदीके                गरगहनाके गौर भन्सार कार्यालयके हाकिम भादो ११ गतेके दिन नेपाल राष्टू बैकमे बुझावे लेगेल गौर भन्सार कार्यालयके खरदार गँगा बहादुर बतएलन । 
३८.६० ग्राम सोनाके  गरगहना ,२२.२२० ग्राम सोनाके गरगहना ,३.१४४ कीलो  चाँदीके गरगहना ,६६८ ग्राम चाँदीके गरगहना ,७७० ग्राम चाँदीके गरगहना कार्यालय प्रमुख ही बैकमे बुझावे लेगेल  खरदार बहादुर बतएलन । इ सम्वन्धमे कार्यालय प्रमुख हमालसाथे सम्पर्क करेके खोजलावाद  काठमाण्डु गेलासे सम्र्पक होए नसकल ।

पिडित किसान आन्दोलनमे कुच्छ नेतासव माल कमाएके खेलामे

रौतहट, भादो । एगो लेख लिखले हए । बेदर्दीके जमानामे दर्दके कओनो सहारा न मिल्ल ,जाहाँ गेली उहाँ कभि किनारा नमिल्ल । ई पंक्तके हालत रौतहटके किसान सव आज के समय भोग रहल हए । 
हजारो विगहा धान खेत श्री रामसुगर मिल्स, ज्योति डिष्टीलीर आ बाबा डिष्टिलीके खराव रासायन यूक्त पानीके कारण सखाप भेल धान खेतके मोअवजा, कम्पनीमे शुद्धिकरण करके उपकरण लगावेके जइसन माग राखइत रौतहटके किसानसव आन्दोलनमे उत्रल और अनसन तक पहुचल हए । किसान सवके मागँ प्रति रौतहट जिल्लाके राजनितिक पार्टीके एक धारण भेला पर भी अव फेरी राजनितिकके साथे कुटनितिक शुरु होचकल हए । ऐने किसानके पिडासे जादाँ  नेतृत्वके होडवाजी शूरु भेल हए ।  अव किसानसवके मोअवजाके छोडइत कुच्छ नेतालोग अपन कमिसन बनावेके चाकरमे लाग गेल  समाचार प्राप्त भेल हए । 
विगतके समय देखल जाएत रौतहटके राजनितिक पार्टी सव कभि भि जनता या किसानके हितके लेल काम कएल इतिहास हि नरहल हए । लेकिन अभिके किसानके आन्दोलन प्रति राजनितिक दलके सहगोग रहला पर भी कुच्छ नेतालोग अपनके आगे लावेला आ रकमी चलखेल करके माल कमाएके चकरमे लाग श्रोतके दावी रहल हए । अभि  किसानके आन्दोलन दुगो समाजके विच आगे वढल हए ।
एगो समाज रहल हए आम जनता समाज और दोसर करपोरेट समाज, करपोरेट समाज अपन नेताके मिलाके किसानके कहानी खतम करेपर लागल हए त । दोसर ओर आम जनताके नेता आन्दोलन और भी शसक्त बनावेम जुटल हए । कच्छ करपोरेट समाजके नेता श्रीराम सुगर मिल्स, बाबा  और ज्योती डिष्टीलरीसे पिडित किसानसव भाओ कर चुकल और एडभान्स भी लेचुकल समाचार श्रोतके दावी रहल हए । 
श्रोतके अनुसार बाब और ज्योती डिष्टीलरीसे कुछ नेता लोग ही नेतासवके मैनेज करकेलेल एडभान्सके रुपमे ४ लाख रुपैया लेले हए त श्री     राम सुगर मिल्स सरकार नमानलापर कुच्छ मोअवजा वेवेके सहमती भेल हए । ऐने पिडित किसानसव वितल ११ दिनसे अनसन जारीए राखले हए त ओने कुच्छ खस नेतालोग अपन माल कमाएलके खेल  जारी
राखले हए । लेकिन अनसन नकेरेला आम लोग नेतसवसे आग्रह कएले हए ।



Wednesday, September 3, 2014

समाप्त होएके अवस्थामे, रौतहटके धार्मिक एवम् पर्यटकीय जगहके पहिचान

 रौतहट, भादो ।  जिल्लाके सदरमुकाम गौर स्थित बरहवा ताल क्षेत्र, सिवनगर शिव मन्दीर, राजदेवमे रहल राजदेवीमन्दीर, महादेपटी शिव मन्दीर, बागमति नदी किनारमे रहल धामिर्क एवं पर्यटकीय जगह नुनथर, पौराई मे रहल ब्रम्हस्थान, सन्तपुरके मरधर सिमसार क्षेत्र लगाएत आधा दर्जनसे भी जादाँ ऐतिहासिक महत्वके जगहसवके उचित संरक्षण एवं सम्बद्र्धन होनसकला से उसवके पहिचान ही डुवेके अवस्थामे पुगल हए  । 
रौतहट जिल्लाके विभिन्न जगहमे रहल धार्मीक एवम् पर्यटकीय जगहसव  संरक्षण, सम्बर्धन एवं प्रचार प्रसार नभेलाके कारण पर्यटकीय एवं धामिर्क महत्वके ऐतिहासिक जगहसवके  पहिचान समाप्त होएके अवस्थामे पहुचल हए ।
गौर स्थित बरहवा ताल क्षेत्रके  विकास एवं विस्तारके लेल यातायात सहज बनावेला झुलुङगे पुल समेत निर्माण कएला पर भी अभि उ क्षेत्रके साथे पुरा क्षेत्रमे  गन्दगी हि गन्दगीसे भरल हए । तालके अधिकांस जमिनसव अतिक्रमण करके खेतमेपरिणता कर चुकल अवस्थारहल हए । बरहवा मे अभि भि पानी नसुकेके भेलासे आन्तरिक पर्यटन के आकर्षण  करेला डेन्गी चलावके प्रवल सम्भावना रहल, उ सिमसार क्षेत्र भी  संरक्षण आ संबद्र्धन बिहीन भेलाके कारण  परिचय समेत गमावेके अवस्थामा रहल हए । 
ओइसही रौतहटके  परौई अन्तरगत रहल नुनथर क्षेत्रमे मिलेवाला पथल नुनगर होएके साथे यातायातके सुविधा नभेल समयमे मकवानपुर, सिन्धुली आ रौतहट करके तिन जिल्लामे पैदल आवतजावत   करेवाला मुल नाकाके रुप मे नुनथर  परिचित रहल रहे । उ जगहके आकर्षण एवम् मनोरम बनावेला विभिन्न संघसंस्था कएले आथिर्क एवं भौतिक सहयोग बालुमे पाली जइसन भेल हए । उचित संरक्षणके अभावमे सब बनावलगेल भौतिक पूर्वाधार एवं साधनसव जीर्ण आ खतम होरहल अवस्था हए । साथे सिवनगरमे रहल शिवमन्दीरके अवस्था भी ओहन ही देख गेल हए । कहजाले प्राचिन समय मे ही भगवान शिवके लिंगसे उत्पन भेल हए उहाँके शिवलिंगके जाहाँ अस्था आ विश्वासके साथ हरेके एतवार लगायत तेरस, श्रीपन्चमी आ शिवरातके दिन विशेष महत्वके साथ जेभी भक्त अपन मुरादा लेकेजाइआ उसवके मुरादा पुरा होइअ, ओहीसे उहाँ रौतहट वारा, सलार्ही, विहारके विभिन्न जगहसे भक्तके भिड रहइअ । लेकिन आज तक उ पवित्र स्थलके विकासके लेल कओनो भी विचार नअएलासे दिन प्रतिदिन उहाँके महत्व लोप होएके अवस्थामे पुगल हए । ओइसही सन्तपुरमे  रहल मरधर सिमसा,  जाड़के मौसमे जाड़ासे बचेके लेल हुलके हुल साइबेरियन पंछी आवेवाला उ सिमसार क्षेत्रके भी परिचय खतम होएके अवस्थामे पुगल हए । ड़ेढ़ दशक पहिलेतक  हातिसारसे हाति प्रजनन् करावेला समेत सिमसारमे लियावल जाइत रहे जनबोली हए । अभि सिमसार क्षेत्र स्थानीय किसानके अतिक्रमणके चोटमे परके पतला होईत गेल हए  । मछरी पालनके लेल ठेक्का लगएले सिमसार क्षेत्र  ही एगो छोट  पोखरीमे परिणत भेल हए  । धामिर्क मान्यता राखले दोसर महत्वपूर्ण जगह हए  पौराइ ब्रम्हबाबा । जहाँ बारा, पर्सा, सर्लाही, आपरोसी देश भारतसे समेत भक्तालुसवके भिड लागले । बाबाके मन्दिरमे पुजा करेके मानलापर मनोकाङक्षा पुरा होएके जनविस्वास हए । एकर संरक्षण, विकास एवं विस्तार होए नसकलाके  कारण, इहाँ आवेवाला भक्ताजनसव विभिन्न समस्या झेलेके परल स्थानीय समाजसेवी श्रीराम न्यौपाने बताएलन  । 
अइसे रौतहटके विभिन्न स्थानके धार्मीक एवं प्रटकीय स्थल खतरामे मरहलासे  ए प्रति रौतहटके जिम्मेवार लोगके ध्यान देनाई एकदमे जरुर रहल देखल जाईआ । ई जगहसे रौतहटके पहिचा  रहलासे संरक्षण एवं संब्रद्धन करनाई एक दमे जरुरी हए ।

किसानके हाल बेहाल

रौतहट, भादो । नेपाली किसानसव भारत पर आश्रीत भेल हए ।  रौतहटके किसानसव खेती   करेला  भारतीय रसायनिक खाद, विच्छन पर निभर हए  ।  वरसाके शूरु भेल समयमे धान खेती करेला किसानसव भारतिय सिमा नजदिक रहल बैरगनिया, घोडासाह, चैनपुर, ढाका भारतिय बजारसे विच्छन लियाके खेती करेके बाध्य भेल हए । नेपालमे सहुलियत दरमे खेतीके लेल सरकार    गुणस्तरीय विच्छन उपलव्ध करावे नसकलाके कारण स्थानिय बजारमे व्यापारीसव गुणस्तरहिन खाद लियाके महंगा भाओमे विक्री वितरण कररहल किसानसवके कहनाम रहल हए । समयमे खेती  करेला नेपाली बजारमे अच्छा विच्छननेपाल एगो कृषी प्रधान भेलाके बाद भी इहा के किसान हरेके चिज से तवाह हे देखल जार रहल हए । देशके  राजनितिक उथल पुथल से होए या देश के अस्थिरताके कारण होए, हर समय किसान ही मार मे रहल हए । पहिले के इतिहास से लेके अभि तक नेपाल सरकार कृषी प्रति कओनो ठोस निति नियम अपनावे न सकल हए । जव कि सारा नौटंकी कृषी  पर हि चल रहल हए । हरेक मैसममे किसान तवाही रहल देखल गेल हए । धान मे महिना से लेके गहुके महिना तक किसान से पानी, कामदार आ मलखाद के कारण विशेष तवाहिमे खेल गेल हए । नेपाल देश भर के अपक्षे मधेश मे अधिक लोग कृषी पर हि अधारीत भेलासे इहा के किसानसव कुछजादा हि परेसान भोगेके ले बाध्य हए । एगो किसान कहन कि, देखु हमनी मधेशी भेला से ई राज्य से विभिन्न तरहसे समस्या उवजाके हमनी के पछाडी करेके कोशीस मे रहले । धान के महिन हमनीके धान रोपेके समय आवले त आकासे पानी के भर परेको परले । काहेकी नेपाल सरकार ओकरा अलावा कोइभि सिचाई व्यवस्था नमिल्लएले हए । जाव आकाशे पानी परित रोपाई सुरु होइ त कामदारके अभाव होजाले, जेकर सवसे प्रमुख  ककारण रहल हए, धानके उचित मूल्य निर्धाण, हमनी किसान जथाभावी बजारु मोलमे आपन धान विक्री कएला पर कभि समयसे पैसा नमिलले, और मधेश के सव कामदार सव भारत के पंजाव हरियारन लगायत के जगहपर जाके पैसा कमाए चल जाले काहेकी उहाँके सरकार धान लगायत सव अनाज के उचित मोल समयमे तोक के साथ साथ पानी ,विउविजन, मालखाद लगायत हरे सिचाईके अच्छा व्यवस्था मिला देले हए जेकरा चल्ते उहाँ समय मे विक्री होगले आ समय मे सव काम सम्पन्न होएला से पंजाव हरियारन के साथे पुरा भारत आगे देल जाइत हए । हमनी के जेनातेना रोपाई कलेला परभी जव मलखाद देवेके समय आवले त नेपाल सरकार के ओर से खालि हाथ देखावेके सिवा कुच्छो न देखल जाले । अगर हमिनी साइकल से            परोसि भारत के विहारके विभिन्न सहरसे २ (४ बोरा लियइलित सिमामे रहल   भारती एस एसवी त छीनछोर मारपिट त करवे करले जेना तेला उँहासे नेपाल टपावल जाले ले फिर भी इहाँ नलाएक सरकारके पुलिस सव कभि छिन्न के भन्सार बुझावले त कभि पैसा मागँ के छोर देवले । देखल  जाएत इहाँके किसान सव साप छुछुनर के जिवन जिरहल हए । नकिभी पुरती करी अपना से पुरती करेके कोशीस करम त विभिन्न बहानमे इहाँ प्रशासन दुख देवेके शूरुआत करले लगाी । इहाँ किसनके खुन से सरकार चल रहल  हए । जे खुन कव खतम होइ जे ई प्राकृती के सुन्दर समाप्त होई । इ प्रकृया हमनी बहुत सोलो से भोगइत आरहल छी । ई काम हमनी से हरेक मैसममे भागे के मिल्ले । एक दम जाइजत बात हए कि कभि भि नेपाल सरकार मधेश के किसान सव के अपना देश के देश के नागरीक हि नसमझले हए । अगर समझले रहइत त आज २१ औ सताव्दीमे भि इहाँ के किसान सव मालखाल लगायत सिचाई केले दरदर न भटके के अवस्था रहइत ।

Thursday, January 2, 2014

हब्बल दूरबीन ने एक ग्रह पर बादल का पता लगाया

वाशिंगटन : नासा की हब्बल दूरबीन ने 40 प्रकाश वर्ष दूर पृथ्वी जैसे एक ग्रह के वायुमंडल में बादल की मौजूदगी का पता लगाया है। इस ग्रह का नाम जीजे 1214बी है। इसे पृथ्वी जैसे ग्रह के तौर पर वर्गीकृत किया गया है क्योंकि इसका द्रव्यमान पृथ्वी और नेपच्यून के बीच का है। जीजे1214बी जैसा कोई ग्रह हमारे सौरमंडल में नहीं है। इसके भौतिक लक्षण के बारे में अभी काफी कुछ पता नहीं है।
इस ग्रह के पहले के अध्ययनों में कुछ संभावनाओं का पता चला था, या तो इसके वायुमंडल में जलवाष्प भरा पड़ा है या कुछ अन्य तरह के भारी परमाणु हैं, या इसमें अधिक ऊंचाई वाले बादल हैं। लॉरा क्रेदबर्ग और जैकब बीन के नेतृत्व में शिकागो के विश्वविद्यालय के खगोल वैज्ञानिकों के नेतृत्व वाली एक टीम ने अब हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन के जरिए इस ग्रह के वायुमंडल में बादल होने के स्पष्ट साक्ष्य जुटा लिए हैं।
हब्बल दूरबीन के जरिए इसका 11 महीनों के दौरान 96 घंटे तक अध्ययन किया गया। किसी एक ग्रह के अध्ययन पर हब्बल का यह सर्वाधिक लंबा कार्यक्रम है। शोधकर्ताओं ने अपने इस काम को सौर मंडल के बाहर एक संभावित निवास योग्य, पृथ्वी जैसे ग्रह का पता लगाने की दिशा में मील का पत्थर बताया है। इसके बारे में अध्ययन नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है। (एजेंसी)

Tuesday, December 24, 2013

असुरक्षित गर्भपतनके कारण महिलाको मृत्यु

दिनेश यादव  / गौर /  असुरक्षित गर्भपतनसे महिलाके मृत्यु होएके प्रथा जइसनके तइसन ही रहल हए । शिक्षा आ चेतनाके अभावमे सुरक्षित तवरसे नकरएलापर भागताके साथ जेनेतेने असुरक्षित गर्भपतन करएलासे केतना महिलाके अल्पाउमे मृत्यु होरहल हए ।
सरकारी स्तरसे तथा गैर सरकारी स्तरसे प्रचार प्रसारके नाममे लाखो करोडो खर्च होरहला पर भी असुरक्षित गर्भपतन करावेके कार्य नियन्त्रण होएनसकल हए ।  स्थानिय कटहरिया गाविसके  एगो ४५ बरिसके महिलाके गर्भपतनके कारण मृत्यु भेल हए ।
कटहरिया ४ के भरोस  राउत कुर्मीके पत्नी ४५ बर्षिय सोनादेवीके गर्भपतनके कारण कुच्छ दिन पहिले मृत्यु भेल स्थानियसव बतएले हए ।  ६ गो बेटा बेटीके मतारी सोनादेवी कुच्छ  महिना पहिले गर्भवती भेल रहे । पुतोह समेत घरमे लियावे सकल सानादेवीके गर्भ ठहरलावाद उनका लोकलाज बहुत सतएलक  ।
गर्भ ६।७ महिनाके वाद आसपरोसके महिलासव सोनादेवीके बुढारीमे ई किकएलक कहके  जिस्कावे लागल रहे । कओनो गर्भके वारमे बात करते सोनादेव गारी समेत कएल उनकर पति भरोस   राउत बतएलन । गर्भके बारेमे केकरो नकहके स्थानिय सुडेनीसाथे पाठयघरमे जडीबुटी राखके गर्भपतन करएलन ।
गर्भपतनके कारण अत्यधिक रक्तश्राव होके मृत्य भेल  पिडीत परिवार जनएले हए । सोनादेवीके अल्पाउमे भेल मृत्य  राउत परिवारमे दुखके लम्हर  पहाड टुटल हए । घरके समपुर्ण आर्थिक कारोवार करके जिम्मा ओरे उपर रहलासे उनकर लाखो रुपैया उठे नसकल  पिडीत परिवारके कहनाम रहल हए । कटहरिया, फतेपुर, बगही, हँथियाही लगायतके  उ क्षेत्रमे  परेवाला सब बजारसवमे ब्यापार करके साहुकेमे जम्मा कएले करिब एकलाख रुपैया कच्छ गहना समेत डुबल  पिडीत राउत सिकाइत कएलन ।
समयमे जानकारी करएलले रहइत त जाचकराके अच्छा करइती लेकिन केकरो जानकारी नकरएलासे कुच्छा करेन सकली मृतकके बेटा बेला राउतके कहनाम रहल हए । एसेपहिले  कनकपुर गाबिसके एगो चौधरी जातके महिलाके गभेपतनके कारण मृत्यु भेल रहे । कनकपुर ४ के जसोधा चौधरिनीके मृत्यु भेल स्थानियसव बतएले हए ।
अशिक्षा आ चेतनाके अभावमे अभिभी जिल्लाके ग्रामीण भेगमे असुरक्षित गर्भपतन करावेके प्रथा जइसनके तइसन रहल हए । गर्भपतनके सरकार मान्यता देलावाद पति पत्निके सलाह अनुसार मेरीस्टोप सेन्टर लगायतके स्थानमा सुरक्षित गर्भपतन करावके व्यवस्था कएल गेल हए । लेकिन ग्रामिण भेगके अधिकांस आदमीसव ओइसन केन्द्रसवमे नजाके सुडेनी, भगता आ  सिमावर्ती भारतिय बजारसवमे जाके गर्भपतन करएलासे समय समयमे महिलासवके मृत्यु होइत गेल  स्थानिय समाजशेवी बिधासागर यादव बतएलन ।
अस्पताल आ मेरिस्टोपमे गेलापर गाओपरोसीके पताहोएके डरसे भी गारजियन असुरक्षित तरिकासे गर्भपतन करवइत आएल यादवके कहनाम रहल हए ।
नेशनल मेडिकल कलेज बिरगंजके डाक्टर बिशवनाथ साह असुरक्षित गर्भपतनसे मृत्यु होनाई तिनगो          कारण रहल बतएलन । अत्यधिक रक्तश्राव, पाठयघर संक्रमित होनाई आ पाठयघरमे घाओखत लागल  महिलाके मृत्यु होइत आएल डाक्टर साह बतएलन ।